
12 में से 6 सीटें महिलाओं के नाम, हरिद्वार को छोड़ बाकी जिलों में लागू होगा आदेश, 6 अगस्त तक आपत्तियाँ आमंत्रित
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2025 के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण व्यवस्था का प्रथम चक्र जारी कर दिया है। हरिद्वार को छोड़ प्रदेश के शेष 12 जिलों में यह व्यवस्था लागू होगी। आदेश में कहा गया है कि यह आरक्षण भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 D एवं उत्तराखंड पंचायतराज अधिनियम 2016 के तहत निर्धारित किया गया है।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावाप्रथम चक्र में कुल 12 में से 6 जिलों में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। इनमें Almora, Bageshwar (SC), Dehradun, Pauri Garhwal, Rudraprayag और Tehri Garhwal शामिल हैं।
अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग को भी मिला प्रतिनिधित्वPithoragarh जिला SC वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि Udhamsingh Nagar में अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।


आरक्षण स्थिति का जिलेवार विवरण
जनपद आरक्षण स्थितिअल्मोड़ा महिलाबागेश्वर महिला (अनुसूचित जाति)चम्पावत अनारक्षितचमोली अनारक्षितदेहरादून महिलानैनीताल अनारक्षितपौड़ी गढ़वाल महिलापिथौरागढ़ अनुसूचित जातिरुद्रप्रयाग महिलाटिहरी गढ़वाल महिलाऊधमसिंह नगर पिछड़ा वर्गउत्तरकाशी अनारक्षित
आपत्तियाँ आमंत्रितयदि कोई व्यक्ति इस प्रस्ताव के विरुद्ध आपत्ति दर्ज कराना चाहता है तो वह 2 अगस्त से 4 अगस्त तक लिखित रूप में सचिव, पंचायतीराज विभाग, देहरादून कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है। आपत्तियों का निस्तारण 5 अगस्त को किया जाएगा। अंतिम आरक्षण सूची 6 अगस्त को जारी की जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेश का पालनयह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट द्वारा स्थानीय निकायों में आरक्षण निर्धारण हेतु ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया के निर्देशों के अनुपालन में की गई है। शासन द्वारा एक सदस्यीय समिति की अनुशंसा के अनुसार यह आरक्षण तय किया गया है। यह आरक्षण केवल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए है। ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत के आरक्षण की अलग प्रक्रिया जारी रहेगी।
