
देहरादून/नैनीताल: उत्तराखंड में झीलों की नगरी नैनीताल से एक ऐसा माममा सामने आया है जिसे जानकर लोग हैरान हो जा रहे। दरअसल, मल्लीताल कोतवाली के कोतवाल ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई सुगबुगाहट भी नहीं सुनाई दी तो पुलिसकर्मी घबरा गए। अनहोनी की आशंका के चलते पुलिसकर्मी दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो वहां का नजारा देख कर हैरान रह गए। अंदर कोतवाल साहब रोते हुए मिले। यह मामला धीरे-धीरे फैल गया। एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कोतवाल को फिलहाल उनके परिजनों के साथ भेज दिया है। यह पूरा मामला कोतवाल की संबद्धता खत्म होने पर मूल तैनाती पर अल्मोड़ा भेजे जाने से जुड़ा होना बताया जा रहा है।
कई बार पुलिसकर्मियों ने लगाई आवाजमल्लीताल कोतवाली के कोतवाल हेम पंत सुबह करीब दस बजे तक जब कोतवाली नहीं पहुंचे तो पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। पुलिसकर्मियों ने उन्हें कई बार आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिलने पर पुलिसकर्मी घबरा गये।
कमरे का नजारा देख हक्का-बक्का रह गए पुलिसवालेकिसी अनहोनी की आशंका के चलते पुलिसकर्मी दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो वहां का नजारा देख कर हक्के-बक्के रह गये। कमरे में कोतवाल साहब परेशान हालत में रोते हुए मिले। इस घटना की सूचना मिलते ही सीओ अंजना नेगी और एलआईयू की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
एसएसपी ने कोतवाल को घरवालों संग भेजाहालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे मामले को गोपनीय रखने की कोशिश की लेकिन खबर फैल गई। कई घंटे तक कोतवाल हेम पंत की निगरानी के बाद एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने उनके परिजनों को बुलवाया और उन्हें परिवार के साथ भेज दिया।
कोतवाल ने महिला सिपाही के ट्रांसफर का किया था विरोधघटना के बाद पुलिस महकमे में दिनभर चर्चाएं चलती रही कि आखिरकार ऐसी क्या बात थी कि कोतवाल को खुद को कमरे में बंद करना पड़ा। वहीं यह भी चर्चा है कि कुछ दिन पहले कोतवाली में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी का स्थानांतरण कर दिया था। इस पर कोतवाल हेम पंत ने एसएसपी से कर्मियों की कमी का हवाला देते हुए स्थानांतरण रोकने और अतिरिक्त कांस्टेबल तैनात करने की मांग की थी। बताया जा रहा है कि महिला कांस्टेबल के स्थानांतरण पर सवाल उठाने और अतिरिक्त कर्मियों की मांग करने पर कोतवाल हेम पंत को मूल तैनाती पर भेज दिया गया।
कोतवाल पुलिस को बदनाम कर रहे, लेंगे एक्शन: एसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसीएसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसी ने बताया कि नैनीताल में कोतवाल समेत सात पुलिसकर्मी संबद्ध चल रहे थे, जिन्हें तीन दिन पहले ही मूल तैनाती पर भेजने के आदेश जारी किए गए थे। कोतवाल द्वारा कांस्टेबल की कमी का मुद्दा उठाये जाने पर जल्द तैनाती का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा कि कोतवाल द्वारा पुलिस विभाग को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मामले में रिपोर्ट तलब कर ली गई है। मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और शासन स्तर पर पिछले दो महीनों से विभिन्न जिलों और थानों में संबद्ध चल रहे पुलिसकर्मियों को उनकी मूल तैनाती पर भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
कोई भी बड़ा कदम उठा सकता था: कोतवाल हेम पंतवहीं, कोतवाल हेम पंत का कहना है कि महिला कांस्टेबल के ट्रांसफर पर सवाल उठाने और महिला कर्मियों की मांग करने के बाद उन्हें मूल तैनाती पर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि वह वरिष्ठ अधिकारियों के रवैये से इतने परेशान हो गए थे कि कोई भी बड़ा कदम उठा सकते थे।
