दून अस्पताल के भीतर तक दलालों का पहरा, इस तरह भ्रमित कर रहे मरीजों को- SSP तक पहुंचा मामला
देहरादून: अगर आपको दून मेडिकल कालेज अस्पताल की इमरजेंसी में या उसके बाहर कोई शख्स मिले और वह आपको या मरीज को दूसरे अस्पताल जाने के लिए बरगलाए तो उस पर आंख बंद करके भरोसा न करें। क्योंकि, अस्पताल की इमरजेंसी और उसके आसपास मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने वाला गैंग सक्रिय है। जिन पर लगाम कसने के लिए अस्पताल प्रशासन ने एक बार फिर पुलिस की मदद मांगी है।
दून मेडिकल कालेज अस्पताल की इमरजेंसी एवं वार्डों में घूमने वाले दलालों को पकडऩे के लिए अस्पताल ने पुलिस से मदद मांगी गई है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने एसएसपी को पत्र भेजा है। चिकित्सा अधीक्षक डा.अनुराग अग्रवाल ने बताया कि एसएसपी को पत्र लिखकर संदिग्ध लोगों को पकड़ऩे एवं अस्पताल के बाहर खड़ी होने वाली गाड़ियो को हटवाने की मांग की गई है।
अक्टूबर में भी पत्र भेजने पर पुलिस ने सक्रियता दिखाई थी। पर स्थिति वापस वैसी ही हो गई। एसएसपी को पत्र भेज निजी एंबुलेंसों की गतिविधियों पर भी नजर रखने की मांग उठाई गई है। प्राचार्य ने वायस कैमरे एवं डिजिटल बोर्ड लगाने की भी हिदायत दी है।
ऐसे लोगों की सूचना 104 या 102 पर फोन कर जानकारी देने को कहा है। प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना का कहना है कि एमएस और इमरजेंसी प्रभारी को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस की तरह के मामलों की सघन निगरानी करें। अगर संदिग्ध लोग यहां घूमते हैं तो उनको चिह्नित करें और पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दें। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने इसमें स्टाफ की भूमिका की निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं।
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