Site icon My Uttarakhand News
Subscribe for notification

हल्द्वानी में हिंसा के बाद पूरे उत्तराखंड में हाई अलर्ट, CM धामी ने दिए सख्ती से निपटने के निर्देश – myuttarakhandnews.com

Latest posts by Sapna Rani (see all)हल्द्वानी; उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में सरकारी जमीन बने मदरसे, मस्जिद को तोड़ने के लिए पहुंचे बुलडोजर और पुलिस की टीम पहुंची. ये वाकया 8 फरवरी दोपहर के बाद का है, जिसपर वहां की जनता ने हमला कर दिया. हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश ने कहा, हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की तारीख 14 फरवरी तय की थी, लेकिन इसे अंजाम देने के लिए शासन-प्रशासन ने जल्दबाजी की. इस मामले मे तूल पकड़ी और अब यहां माहौल तनावपूर्ण है. बुलडोजर एक्शन के खिलाफ किया भीड़ का एक्शन बढ़ता गया. इस मामले में अब तक 100 पुलिसकर्मी, 250 लोगों के घायल होने और 4 लोगों की मौत की सूचना है. बनभूलपुरा में हिंसा के बाद हालात का जायजा लेने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अभिनव कुमार और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर एपी अंशुमान हल्द्वानी पहुंचे.मुस्लिम परिवार ने बचाई कांस्टेबल मनीष और उनके साथी की जानहल्द्वानी हिंसा में घायल पुलिस कांस्टेबल मनीष बिष्ट की नाक पर पत्थर आकर लगा. नाक से खून निकला, आँख के नीचे काला पड़ गया. कांस्टेबल मनीष बिष्ट ने बताया कि वो और उनके साथी चारों ओर से घिरे थे. कांस्टेबल ने बताया कि उनकी मैगज़ीन missing है. किसी ने खींच तान में मैगज़ीन लूट ली. उनकी और उनके साथियों की जान एक मुस्लिम परिवार ने बचाई.कांग्रेस नेता हरीश रावत ने हलद्वानी हिंसा पर कहा, “हल्द्वानी की स्थिति को देखते हुए मैं बहुत चिंतित हूं और बहुत दुखी भी हूं. हल्द्वानी का इतिहास शांति, सौहार्द और भाईचारे का रहा है. सभी पक्षों को शांति बनाई रखनी चाहिए और फिर से सौहार्द कायम करने की कोशिश करनी चाहिए. दोनों पक्षो को धैर्य और संयम रखने की आवश्यकता है.” हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में हुई हिंसा में आगजनी के लिए पेट्रोल bomb का प्रयोग किया गया. गाड़ियों के पास बोतल में पेट्रोल और आग जलाने का लाइटर मिला. कई जली बोतलें भी मिलीं.हिंसा प्रभावित इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है-पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता IG नीलेश आनंद भरणे ने ANI को बताया, अर्धसैनिक बल की 4 कंपनियां हल्द्वानी के हिंसा प्रभावित इलाके में भेजी गई हैं. IG ने बताया कि ऊधमसिंह नगर से PAC की 2 कंपनियां हल्द्वानी पहुंच चुकी हैं.

Exit mobile version