

Hello, I am Aarohi speaking… In greed for profit in stock trading, a bank employee in Uttarakhand was duped of Rs 37 lakhइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून: निजी बैंक में कार्यरत एक व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो गई. बैंक कर्मी को स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करने पर मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने लाखों रुपए की ठगी कर डाली. व्यक्ति की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम कंट्रोल पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है.स्टॉक ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी: तरला अधोईवाला निवासी मोहम्मद सिराज ने साइबर क्राइम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि वह एक निजी बैंक में काम करते हैं. 11 जून को उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया. मैसेज करने वाली ने खुद को आरोही पटेल बताया. मैसेज में बताया गया कि वह 360 वन कंपनी लिमिटेड में असिस्टेंट हैं और स्टॉक खरीदने बेचने के टिप्स बताती हैं. इसके बाद दोनों में बातचीत शुरू हो गई.ऐसे झांसे में लिया: 17 जून को आरोही पटेल ने व्हाट्सएप नंबर पर एक नंबर भेजा और स्टॉक ट्रेडिंग के लिए उकसाया. साइबर ठग ने पीड़ित को प्रलोभन दिया कि निवेश करने पर अच्छा मुनाफा देंगे. 25 जून को पीड़ित को बार-बार स्टॉक की जानकारी दी गई और अच्छे रिटर्न का लालच देकर एक गूगल फॉर्म भरवाया गया. 29 जून तक उनके फार्म की जांच करने के बाद सिराज को 360 वन कंपनी लिमिटेड के नाम से आईडी जारी की गई. साथ ही एक प्रमाण पत्र मेल के माध्यम से भेजा. प्रमाण पत्र में सेबी का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा था.ऐसे हुई ठगी की शुरुआत: 30 जून को पीड़ित से 360 वन नाम का एक एप डाउनलोड करने के लिए लिंक भेजा. लिंक से उनके फोन में एप डाउनलोड कराई गई. कहा गया कि इसी एप से स्टॉक ट्रेडिंग करेंगे. एप में रिचार्ज कर निवेश करवाने के लिए अलग-अलग बैंक खातों में रुपए जमा कराए गए. 03 जुलाई को सिराज से यूपीआई के माध्यम से 50 हजार रुपए और 4 जुलाई को 60 हजार रुपए अलग-अलग खातों में जमा कराए गए. इस रकम से एप के माध्यम से स्टॉक खरीदने के लिए कहा गया.37 लाख रुपए का चूना लगाया: सिराज को इकोप्लास्ट के शेयर खरीदने के लिए बोला गया था. अगले दिन शेयर को बिकवा दिया गया. इसमें उनकी ओर से लगी रकम का 15 प्रतिशत मुनाफा भी दिखाया गया. उसके बाद 19 जुलाई तक इसी तरह पीड़ित से 36 लाख 50 हजार रुपये की रकम जमा कराई गई और 15 से 20 प्रतिशत मुनाफा दिखाया गया. जब मोहम्मद सिराज ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो वह अपनी रकम नहीं निकाल पाए. जब रकम नहीं निकली, तो उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ.
