
उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर इलाके में स्थानीय पुलिस, विशेष कार्य बल (एसओजी) और दवा सुरक्षा एवं प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई में लगभग 1.32 करोड़ रुपये कीमत के 43,950 मादक इंजेक्शन पकड़े हैं। यह खेप एक परिवहन कंपनी के माध्यम से लाई जा रही थी, जिसकी जानकारी मिलने पर टीम ने तुरंत छापेमारी की।
घटना 15 दिसंबर 2025 की है, जब एक गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने दड़ियाल रोड, टांडा उज्जैन स्थित सेफएक्सप्रेस परिवहन केंद्र पर जांच शुरू की। वहां संदिग्ध बक्सों की तलाशी में 16 पैकेट मिले, जिनमें बुप्रेनॉर्फिन आधारित इंजेक्शन थे। इनमें बिनॉर्फिन (बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन आईपी) के 1,598 पैकेटों में कुल 39,950 इंजेक्शन और रेक्सोजेसिक (बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन) के 160 पैकेटों में 4,000 इंजेक्शन शामिल थे।
दवा निरीक्षक नीरज कुमार और निधि शर्मा ने मौके पर इनकी रासायनिक संरचना और नियंत्रित पदार्थों की श्रेणी की जांच की। जांच से साबित हुआ कि ये दवाएं नियंत्रित श्रेणी में आती हैं और इन्हें केवल अधिकृत लाइसेंसधारक संस्थाएं ही ले जा सकती हैं। टीम ने विधिवत सूची बनाकर सामग्री जब्त की।
जांच से पता चला कि यह खेप रिपुल चौहान, पिता रक्षपाल सिंह, मूल निवासी गांव नजीमपुर, डाकघर जलालाबाद, थाना नजीबाबाद, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) और वर्तमान में वार्ड नंबर 13, कविनगर, काशीपुर रहने वाले ने मंगवाई थी। उसके खिलाफ मादक द्रव्य एवं मनोदैहिक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश में अभियान चलाया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसी सख्त और निरंतर कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।
