223 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा लाभ, सिलाई और जूट-कपड़े के बैग का होगा उत्पादन
देहरादून: मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को गति देने की दिशा में विकासखंड सहसपुर के शंकरपुर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी मुख्य अतिथि और सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
223 स्वयं सहायता समूहों की 2,500 महिलाओं को मिलेगा लाभ
जिला प्रशासन देहरादून की पहल पर पुनर्जीवित किए गए इस केंद्र का संचालन ‘आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन’ द्वारा किया जा रहा है। फेडरेशन से 223 स्वयं सहायता समूहों की करीब 2,500 महिलाएं जुड़ी हैं। केंद्र के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक उत्पादन और स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
जूट और कपड़े के बैग से रोजगार के साथ पर्यावरण संरक्षण
सामान्य सुविधा केंद्र में महिलाएं सिलाई के साथ जूट बैग और कपड़े की थैलियों का निर्माण करेंगी। पर्यावरण अनुकूल इन उत्पादों से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने में भी मदद मिलेगी। आधुनिक मशीनों के जरिए महिलाएं बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर सकेंगी।
अन्य जिलों में भी लागू होगा सहसपुर मॉडल
कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग के पुराने और अनुपयोगी भवन को विभिन्न विभागों के समन्वय से पुनर्जीवित किया गया है। जिला उद्योग केंद्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और खादी ग्रामोद्योग सहित संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस से यहां उत्पादन इकाई स्थापित की गई है।
उन्होंने कहा कि इस पहल को केवल देहरादून तक सीमित नहीं रखा जाएगा। प्रदेश के अन्य जनपदों में भी अधिकारियों को इस केंद्र का अध्ययन कर इसी तर्ज पर उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
तीन लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
मंत्री ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रदेश में करीब सवा पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें से तीन लाख से अधिक महिलाएं अब तक ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। शेष महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य की कई लखपति दीदियां अब ‘करोड़पति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
आईआईएम काशीपुर देगा तकनीकी और उद्यमिता प्रशिक्षण
महिला समूहों को तकनीकी ज्ञान, उद्यमिता विकास और बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए आईआईएम काशीपुर के साथ एमओयू किया गया है। आईआईएम काशीपुर इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में महिलाओं को तकनीकी सहयोग देगा, जबकि सरकार की ओर से आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्कूल यूनिफॉर्म और वर्दी निर्माण की भी तैयारी
भविष्य में केंद्र की गतिविधियों को केवल बैग निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म के साथ पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की वर्दियां तैयार करने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को इसी मॉडल पर एक अन्य उत्पादन इकाई स्थापित करने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन देगा प्रशिक्षण से लेकर बाजार तक सहयोग
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि सहसपुर का यह सामान्य सुविधा केंद्र लंबे समय से संचालित नहीं हो रहा था। स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की क्लस्टर लेवल फेडरेशन को मशीनें उपलब्ध कराकर इसे समेकित उत्पादन इकाई के रूप में विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षण, उत्पादन, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।
महिलाओं को मिला स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर
केंद्र से जुड़ी महिला लाभार्थियों ने कहा कि इसके संचालन से उन्हें अपने क्षेत्र में ही नियमित आजीविका का अवसर मिला है। आधुनिक मशीनों और सामूहिक कार्य व्यवस्था से वे बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर पा रही हैं। महिलाओं ने कहा कि इस पहल से उनकी आय और आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
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