देहरादून। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से की गई 254 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती सही हुई या गलत। यह आयुर्वेद निदेशक की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा। फिलहाल शासन स्तर चयनित डॉक्टर की तैनाती रोक रखी है। मामले की जांच आयुर्वेद निदेशक एवं अपर सचिव डाॅ. विजय कुमार जोगदंडे कर रहे हैं। आयुर्वेद विभाग के प्रस्ताव पर उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने 254 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती शुरू की थी। 30 जून को भर्ती का परिणाम घोषित कर चयनित अभ्यर्थियों की सूची शासन को भेजी थी। साथ ही होम्योपैथी डॉक्टर के 24 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर 4 अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भर्तियों की जांच के आदेश दिए थे। होम्योपैथी डॉक्टर पदों की भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। वहीं, शासन ने 254 आयुर्वेद डॉक्टर पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति रोक कर आयुर्वेद निदेशक को जांच सौंपी। सचिव आयुष डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है आयुर्वेद डॉक्टर भर्ती मामले की जांच निदेशक आयुर्वेद को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार चयन प्रक्रिया पर निर्णय लेगी।
आयुर्वेद डॉक्टर भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा नेता रविंद्र जुगरान से मुलाकात की। अभ्यर्थियों का कहना है कि 11 साल के बाद विभाग में डॉक्टर की भर्ती की गई। लेकिन मई माह में परीक्षा परिणाम घोषित होन के बाद भी नियुक्ति नहीं दी गई। जुगरान ने मामले को सचिव आयुष के समक्ष उठाया।
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