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उत्तराखंड में 37 मदरसों की मान्यता लटकी, खामियां मिलने पर 5 हुए सील – Uttarakhand

Recognition of 37 madrasas in Uttarakhand is pending, 5 were sealed after deficiencies were foundRecognition of 37 madrasas in Uttarakhand is pending, 5 were sealed after deficiencies were foundRecognition of 37 madrasas in Uttarakhand is pending, 5 were sealed after deficiencies were foundइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all) पत्नी से हुआ झगड़ा, गुस्से में 7 साल की बेटी को लेकर गया बाहर, फिर जो हुआ, देख पुलिस के उड़े होश – March 4, 2025 हरियाणा की सैनी सरकार का बड़ा ऐलान, रोड एक्सीडेंट में घायलों को मिलेगा फ्री इलाज, जल्द जारी होगी अस्पतालों की सूची – March 4, 2025 गुजरात से अब्दुल का पीछा करते हरियाणा पहुंची ATS, जो मिला उसे देख सभी रह गए दंग, राम मंदिर उड़ाने की थी साजिश – March 4, 2025देहरादून। उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। प्रशासन की टीम ने सोमवार को भी पांच मदरसों को सील किया। एसडीएम ने बताया कि अवैध तौर पर संचालित हो रहे सभी मदरसों को बंद करा दिया जाएगा।जिलाधिकारी के आदेश पर शनिवार से पछुवादून में अवैध तौर पर संचालित हो रहे मदरसों को सील करने की कार्रवाई शुरू की गई है। सोमवार को प्रशासन की टीम ने शिक्षा विभाग अधिकारियों के साथ मिलकर मदरसा रहीमिया माहीदुल कुरआन, मदरसा इस्लामिया नूर अल हुदा, मदरसा इनाम उल उलूम, ईसात अल नात और मदरसा इस्लामिया अरबिया कासिम उल उलूम को सील किया।एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि इन मदरसों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को नजदीकी सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की टीम में तहसीलदार विवेक राजौरी, सीओ भाष्कर लाल साह, बीईओ विनीता नेगी कठैत, शहर कोतवाल राजेश साह, हरबर्टपुर चौकी प्रभारी सनोज कुमार आदि शामिल रहे।जनपदों की जांच में फंस गई मदरसों की मान्यताउत्तराखंड में 37 मदरसों की मान्यता अब समिति की बैठक होने के बाद भी अटक गई है। जिलों की जांच में ये मान्यता फंसी है। जिलों से रिपोर्ट आने के बाद ही अब इन मान्यता पर समिति फैसला ले सकेगी।विगत 27 फरवरी को मदरसा बोर्ड अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी की अध्यक्षता में मान्यता समिति की बैठक में 88 आवेदनों में से 51 को मान्यता प्रदान की गई। पांच साल बाद यह मान्यता दी गई है। अब जिन 37 मदरसों के आवेदन रोके गए हैं, उनमें से 10 मदरसे बंद बताए गए हैं।इसके अलावा 27 पर रिपोर्ट ही नहीं मिली। मदरसा बोर्ड अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों से रिपोर्ट के लिए पत्राचार किया गया है।