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गंगा में डुबकी लगाने उतरे एक ही परिवार के 5 लोग बहे, देवदूत बने SDRF के जाबांजों ने बचा ली जान – Uttarakhand

5 members of the same family who went to take a dip in the Ganga were swept away, SDRF's brave men became angels and saved their lives5 members of the same family who went to take a dip in the Ganga were swept away, SDRF’s brave men became angels and saved their livesइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून/हरिद्वार: सावन का महीना लगते ही हरिद्वार के गंगा घाटों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। धर्मनगरी में गंगा में डुबकी लगाने के दौरान श्रद्धालु खतरे को भी नहीं भांप पा रहे हैं। आज गुड़गांव से आए एक ही परिवार के पांच लोग स्नान के दौरान जब गंगा में बहने लगे तो एसडीआरएफ के जवानों ने इन सभी को बहने से बचा लिया।अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु गंगा की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं। ऐसे में ये लोग गंगा के किनारे घाट पर नहाते-नहाते गहराई में चले जा रहे हैं। लोग गंगा में स्नान करने के लिए उतर रहे हैं लेकिन रेलिंग के अंदर ही तरफ स्नान करने की बजाय लोग दूसरी ओर चले जा रहे हैं और तेज बहाव की चपेट में आ रहे हैं।आज हरिद्वार के कांगड़ा घाट में गुड़गांव फारुखनगर से आए एक परिवार के लोग स्नान कर रहे थे। इसी दौरान आरती (19), पलक (15), सागर (16), विशाल (18) और वीर (14) नहाने के दौरान रेलिंग से पार चले गए और तेज बहाव में बहने लगे। परिवार के बच्चों को बहता देख लोग सकते में आ गये और बचाओ-बचाओ की चीख-पुकार मच गई।घाट पर तैनात एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम के एसआई पंकज खरोला के साथ ही हेड कांस्टेबल आशिक अली और कांस्टेबल नितेश खेतवाल तत्काल डागी से गंगा में बहते लोगों तक पहुंचे तो वहीं दूसरी छोर से हेड कांस्टेबल विजय खरोला, कांस्टेबल कविंद्र चौहान, शिवम, अनिल और रमेश तैरते हुए इन लोगों को बचाने के लिए पहुंचे। वहीं एएसआई प्रविन्द्र धस्माना, प्रकाश मेहता और अंकित पाल ने थ्रो बैग फेंक कर कांवड़ियों को रेस्क्यू करने में सहयोग किया।गंगा की तेज लहरों में बहते हुए पांचों लोगों को रेस्क्यू टीम ने एक-एक कर डांगी में बैठाया और सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। वहीं हरिद्वार के अन्य गंगा घाटों पर भी अलग-अलग समय में 6 और श्रद्धालुओं को एसडीआरएफ के जवानों ने सुरक्षित रेस्क्यू किया।

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