
गैरसैंण: उत्तरखंड में भूकंप की चेतावनी प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के लिए धामी सरकार ने संवेदनशील स्थानों पर 500 नए सेंसर स्थापित करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार की ओर से इसके लिए संवेदनशील स्थान भी चिह्नित कर लिए गए हैं। कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने गुरुवार को प्रश्नकाल में अल्पसूचित प्रश्न के तहत राज्य में भूकंप चेतावनी प्रणाली से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील श्रेणी में आता है। ऐसे में सरकार की ओर से चेतावनी प्रणाली के तहत क्या कार्रवाई की जा रही है?
योजना पर 153 करोड़ रुपये का खर्च आएगाइसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने भूकंप चेतावनी प्रणाली के तहत राज्य में 169 सेंसर स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि 500 नए सेंसर लगाने की भी योजना बनाई गई है। केंद्र सरकार के सहयोग से तैयार की गई इस योजना पर कुल 153 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ समेत 10 शहरों में कुल 500 स्थानों का चयन सेंसर के लिए किया गया है। केंद्र सरकार के सहयोग से इस योजना को जल्द धरातल पर उतारा जाएगा।
वर्तमान में 128 सेंसर ही कर रहे हैं कामसंसदीय कार्यमंत्री उनियाल ने बताया कि राज्य में वर्तमान में भूकंप चेतावनी प्रणाली के तहत कुल 169 सेंसर लगाए गए हैं। इनमें से 128 काम कर रहे हैं जबकि 41 खराब हैं।
