

700 disasters, 209 deaths, 403 injured… 2025 is cursed for Uttarakhand, Devbhoomi is falling apartइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादूनः उत्तराखंड हर साल आपदाओं का जख्म झेलता है और फिर पहाड़ की तरह खड़ा हो जाता है. प्राकृतिक आपदाएं लगातार देवभूमि की कमर तोड़ रही हैं. इसी महीने अगस्त में आई धराली आपदा ने एक बार फिर उत्तराखंड के पुराने जख्मों को हरा कर दिया. हालांकि ये आपदा उत्तराखंड के लिए कोई नई नहीं है. उत्तराखंड में मानसून हर साल तबाही लेकर आता है. इस साल के आंकड़ों की बात करें तो सैकड़ों जानें चली गईं.2025 में 200 से अधिक लोगों की मौतअगस्त महीने की ही बात करें तो बीते 5 अगस्त को उत्तरकाशी के धराली गांव में बड़ी आपदा आई, जिसमें अभी तक 60 से अधिक लोग लापता हैं. रेस्क्यू करने वाली टीम मलबों के बीच उन्हें ढूंढन में लगी है. वहीं कुछ लोग की लाश मिल भी चुकी है. इस साल 209 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 409 लोग घायल हो चुके हैं. साल 2025 में अगस्त के पहले हफ्ते तक करीब 700 प्राकृतिक घटनाएं हुई हैं. हालांकि इस साल को अभी खत्म होने में चार महीने बाकी हैं. उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड राज्य में एक जून से 18 अगस्त 2025 तक 973.1 एमएम बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश से 15 फीसदी अधिक है.10 साल में 18000 से अधिक प्राकृतिक आपदाइस साल मानसून के अबतक के दिनों में 65 फीसदी एक्सट्रीम वेदर देखा गया है.बता दें कि मानसून 1 जून से 30 सितंबर तक 122 दिन का होता है, 5 अगस्त तक आधा समय बीत चुका है. वहीं अगर पिछले दस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तराखंड में करीब 18,464 प्राकृतिक आपदाएं आई हैं, जिन्होंने उत्तराखंड को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. वहीं अगर मरने वाले लोगों की बात करें तो साल 2018 में 720, 2019 में 532, 2020 में 301, 2021 में 366, 2022 में 518, 2023 में 497, 2024 में 384 और 2025 में 209 लोगों की मौत हो चुकी है.9000 से अधिक पक्के मकान जमींदोंजउत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 10 सालों में करीब 18,464 प्राकृतिक घटनाओं के चलते 3,667 पक्के और कच्चे मकान जमींदोंज हुए थे. इसके अलावा 9,556 पक्के मकान और 5,390 कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए थे.
