

https://img.onesignal.com/tmp/9bd7285e-7de5-4fba-8cfb-cc2b5b73a99a/3n2nE208Rbm6aRj7oRYX_Screenshot_7.pngइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)उत्तरकाशी: Cloud burst in Uttarkashi: लगातार बारिश के बीच उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़कोट क्षेत्र में पालीगाड़ और ओजरी डाबरकोट के बीच सिलाई बैंड के पास बादल फटने से आठ से नौ मजदूर लापता हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने यहां बताया कि शनिवार मध्यरात्रि 12 बजे के बाद हुई घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिवादन बल सहित अन्य एजेंसियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।बड़कोट के थाना प्रभारी दीपक कठेत ने बताया कि सड़क निर्माण में लगे कुछ मजदूर तंबू लगाकर वहीं रह रहे थे और बादल फटने के दौरान तेज सैलाब आने पर वे बह गए हैं। उन्होंने बताया कि आठ से नौ लोगों के लापता होने की खबर है जिनकी खोजबीन के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। ये सभी मजदूर नेपाली मूल के बताए जा रहे हैं। बादल फटने के बाद से सिलाई बैंड के अलावा यमुनोत्री राजमार्ग दो से तीन अन्य जगहों पर भी बंद है जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम खोलने के प्रयास में जुटी है।यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थान पालीगाड़ से करीब 4-5 किमी0 आगे सिलाई बैंड के पास अतिवृष्टि (भूस्खलन) के कारण 9 मजदूरों के लापता होने की सूचना है। पुलिस, SDRF, NDRF, राजस्व, NH बडकोट, स्वास्थ्य विभाग आदि टीमो द्वारा राहत एवं खोज बचाव का कार्य किया जा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त स्थान पर लेवर कैम्प भू-स्खलन की चपेट मे आ गया, कैम्प मे 19 श्रमिक स्टे कर रहे थे, जिनमें 10 श्रमिक सुरक्षित हैं, जिनको रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर लाया गया है। 9 लापता लोगों की सर्चिंग हेतु रेस्क्यू कार्य गतिमान है।उक्त स्थान पर यमुनोत्री हाइवे का 10-12 मीटर हिस्सा वास आउट हो गया है, मार्ग को सुचारु करने का कार्य जारी है, मार्ग सुचारु होने मे समय लग सकता है। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस द्वारा तीर्थंयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। उक्त स्थान पर यमुनोत्री हाइवे का 10-12 मीटर हिस्सा वास आउट हो गया है, मार्ग को सुचारु करने का कार्य जारी है, मार्ग सुचारु होने मे समय लग सकता है। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस द्वारा तीर्थंयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।वहीं, ओजरी के पास सड़क संपर्क टूट गया है। जिला आपदा नियंत्रण कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण यमुना नदी का भी जलस्तर बढ़ा हुआ है जबकि स्यानाचट्टी में भी कुपड़ा कुंशाला त्रिखिली मोटर पुल खतरे में आ गया है।जानकारी में कहा गया है कि कुथनौर में भी अतिवृष्टि तथा बादल फटने के कारण स्थानीय ग्रामीणों की कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की सूचना है और खेतों में मलबा भर गया है। हांलांकि, कुथनौर मे फिलहाल किसी प्रकार की कोई जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है।
