
Latest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून : हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों को राहत देने के लिए विकासनगर विधानसभा क्षेत्र स्थित यमुना नदी पर एक पुल का निर्माण किया जा रहा है, इस पुल के निर्माण से हिमाचल प्रदेश का गिरीपार का इलाका विकासनगर बाजार से सीधा जुड़ जाएगा. गौरतलब है कि विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने वर्ष 2021 के अंत में पुल का शिलान्यास किया था, लेकिन 2 साल से भी अधिक समय हो जाने के बाद भी इस पुल का निर्माण पूरा नहीं हो .हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विकासनगर का पहले से ही रोटी-बेटी का संबंध रहा है. 70 के दशक से ही यमुना नदी पर पुल बनाने की मांग उठती आ रही है. 21वीं शताब्दी के आते ही इस मांग ने रफ़्तार तो पकड़ी लेकिन पुल फिर भी पूरा नहीं हो सका है. हैरत की बात है कि उत्तराखंड की तरफ पुल पूरी तरह से तैयार हो चुका है लेकिन हिमाचल प्रदेश की जमीन पर पुल का एप्रोच बनाना बाकी है, जिसके चलते यह पुल अंतिम चरण पर जा अटका.अधर में लटका नावघाट पुलपुराने समय में लोग यमुना नदी को नाव के सहारे पार करते थे, जिसके कारण इस जगह का नाम नावघाट पड़ा. इसी जगह पर दोनों राज्यों को जोड़ने वाला नावघाट पुल अधर में लटक गया. लोकल18 ने विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान से इस मुद्दे पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि हिमाचल के कुछ किसान अदालत चले गए, जिसके चलते इस काम में थोड़ी देरी हो गई.एप्रोच रोग से अटका पुलगौरतलब है कि वर्ष 2021 के अंत में 44 करोड़ के बजट से तैयार होने वाले नावघाट पुल का विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने ही शिलान्यास किया था. दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह पुल पूरा न हो सका. लोकल18 को विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की तरफ से पुल का पूरा निर्माण हो चुका है. हिमाचल की तरफ से एक पुल का एप्रोच बनना है. हमें उम्मीद थी कि इस साल की बरसात तक हम इस पर आवाजाही शुरू कर देंगे, लेकिन ऐसा न हो सका.फंसा भूमि अधिग्रहण का पेंचविधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि हिमाचल के कुछ किसानों ने अदालत का रुख किया, जिसके कारण उनकी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबित हो गई. हालांकि हमने अपने अधिकारियों को शिमला भेजा था. शायद अब किसान भी जो हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुआवजा तय किया था उसे लेने के लिए तैयार हो गए. उम्मीद करते हैं कि आने वाले 6 महीनों में हिमाचल की तरफ वाले एप्रोच को भी बनवा लेंगे और जाहिर तौर पर इस पुल पर आवागमन शुरु हो जाएगा.अब तक 18 पिलरों का हो चुका है निर्माणकार्यदायी कंपनी ब्रिज एंड रूफ प्राइवेट लिमिटेडने 540 मीटर पुल का निर्माण पूरा कर दिया है, जिसमें 18 पिलरों का काम पूरा हो चुका है. अब केवल हिमाचल की ओर से पुल का एप्रोच तैयार करने का काम बचा है. लेकिन यह काम अंतिम चरण में पूरा नहीं हो पा रहा है. पुल के निर्माण को पूरा करने के लिए दोनों राज्यों की सरकारों के बीच कई बार पत्राचार भी हुआ, हालांकि अभी भी दोनों राज्यों के लोग पुल का पूरा होने का इंतज़ार कर रहे हैं.
