

Get ready for the harsh winter! Uttarakhand’s weather will change in the next 24 hours, chances of rain and snowfallइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून। उत्तराखंड में मौसम शुष्क बना हुआ है और पहाड़ से मैदान तक चटख धूख खिल रही है। करीब दो माह से प्रदेश में वर्षा नहीं हुई है, लेकिन आगामी सात दिसंबर से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल सकता है। जिससे आठ व नौ दिसंबर को ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की वर्षा हो सकती है। साथ ही चोटियों पर बर्फबारी के भी आसार हैं। जिसके बाद तापमान में तेजी से गिरावट आने के साथ ही कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। हालांकि, वर्षा के बाद सूखी ठंड से राहत मिलने की उम्मीद है, जो सभी की तबीयत नासाज कर रहा है।देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में गुरुवार को मौसम शुष्क बना रहा। जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री अधिक बना रहा। दिनभर चटख धूप खिलने से दिन में हल्की गर्माहट महसूस की गई। जबकि, सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ रही है। अब अगले कुछ दिन में मौसम के मेहरबान होने की उम्मीद जगी है।मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, आज प्रदेश में मौसम शुष्क बना रह सकता है। इसके बाद शनिवार को ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड समेत आसपास के हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय होने के आसार हैं। जिससे प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है। चोटियों पर बर्फबारी के भी आसार बन रहे हैं। इसके बाद पारे में भी तेजी से गिरावट आ सकती है। अगले तीन-चार दिन में पारे में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने के आसार हैं।पर्यटकों के लिए हाथीडगर पर्यटन जोन में बनाया जाएगा वॉच टावररामनगर। हाथीडंगर पर्यटन जोन में पर्यटकों के लिए वन विभाग वाच टावर खोलेगा।वन विभाग ने जगह का चयन भी कर लिया है। इस संबंध में विभाग की ओर से वाच टावर बनाने के लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने पिछले साल हाथीडगर पर्यटन जोन आरंभ किया था। लेकिन इस जोन में पर्यटकों के लिए कुछ देर ठहरने की व्यवस्था नहीं थी। अब इस पर्यटन जोन में पर्यटकों के लिए अनुमानित दस लाख रुपये की लागत से वाच टावर बनाया जा रहा है।दस लाख रुपये की लागत से बनाया जा रहा वॉच टावरवन विभाग की ओर से दो मंजिला वाच टावर बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए कक्ष नंबर 43 वन क्षेत्र में जगह का चयन किया गया है। आमपोखरा रेंजर पूरन सिंह खनायत ने बताया कि जिप्सी सफारी के दौरान वाच टावर में चढ़कर पर्यटक जंगल को निहार सकेंगे। वाच टावर को ऊपर से बंद किया जाएगा। उसके भीतर पर्यटक बैठ भी सकेंंगे। अभी एक ही टावर लगाया जा रहा है।
