

As soon as the rain stopped, the forests of Almora caught fire, a large part of Uttarakhand was destroyed by forest fireइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)अल्मोड़ा: उत्तराखंड में तापमान बढ़ने के साथ वनाग्नि की घटनाएं फिर सामने आने लगी है। इस बार अल्मोड़ के स्याल्दे ब्लॉक मुख्यालय से सटे कैहड़गांव, छानी और खटलगांव के जंगल आग की भेंट चढ़ गए। गनीमत रही कि वन कर्मियों के प्रयास और बारिश होने से वनाग्नि पर काबू पा लिया गया। जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम कैहड़गांव, छानी और खटलगांव के जंगलों में एकाएक आग धधक उठी।एक साथ तीन-तीन जंगलों में आग लगने से हड़कंप मच गया। देर शाम तक आग धधकती रही।सूचना पर वन विभाग की टीमें आग बुझाने के लिए पहुंच गईं, लेकिन तेज हवाओं ने आग को और अधिक भड़का दिया। इससे आग बुझाने के प्रयास नाकाफी साबित हुए। कुछ ही देर में आग ने जंगलों के बड़े हिस्से को आगोश में ले लिया। इस दौरान क्षेत्र में आंधी और तूफान शुरू हो गया। इससे वन कर्मियों की आस जग गई। कुछ ही देर में झमाझम बारिश शुरू हो गई।इससे तेजी से फैल रही आग बुझ गई। इससे वन विभाग के साथ स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। रेंजर वन प्रभाग तामाढौन राकेश रत्नाकर कहते हैं कि वन विभाग को इन दिनों ऐप के माध्यम से आग लगने की सूचना और लोकेशन तत्काल मिल जा रही है। इससे टीमें मौके पर पहुंचकर वनाग्नि की रोकथाम कर रही हैं। जंगलों में लगी आग को बुझा लिया गया था।पराली की आग गोशाला तक पहुंची, दो मवेशी जिंदा जलेबागेश्वर में खेतों में गेहूं की पराली से फैली आग ने गोशाला को चपेट में ले लिया। इसमें गोशाला पूरी तरह जलकर राख हो गई। दुधारू गाय तथा बछड़ा जिंदा जल गए। गोशाला से सटे घर की खिड़की से आग आवासीय कमरे में भी घुस गई। सामान भी जल गया है। रवाईंखालक्षेत्र के फटगली ग्राम पंचायत के कनार तोक निवासी ललित चंद्र की गोशाला राख गई है।गोशाला में बंधी गाय तथा बछड़ा जिंदा जल कर मर गए हैं, जबकि उनके आवासीय मकान को भी आग से क्षति पहुंची है। उनकी पत्नी नेहा चंद्र खेतों में काम करने गई थी। उसके दो छोटे बच्चे स्कूल गए थे। घर लौटने तक सबकुछ राख हो गया। ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी फेंका।घंटों की मशक्कत के बाद आग नियंत्रित हो सकी। इसमें गोशाला में रखी सूखी घास तथा अन्य सामान भी जल गया है। आग से अल्मारी आदि भी जली हैं। राजस्व उप निरीक्षक पूरन लाल वर्मा ने कहा कि अग्निकांड का निरीक्षण कर लिया गया है। रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपी जाएगी।.
