
देहरादून/रुद्रप्रयाग, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार को सिरसी हेलीपैड से उड़ान भरते ही क्रिस्टल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के एक हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से हड़कंप मच गया। हालांकि, पायलट की त्वरित सूझबूझ और असाधारण कौशल ने एक बड़े हादसे को टाल दिया, जिससे हेलीकॉप्टर में सवार सभी यात्री बाल-बाल बच गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज दोपहर क्रिस्टल एविएशन का हेलीकॉप्टर यात्रियों को लेकर सिरसी से केदारनाथ धाम के लिए उड़ान भरने वाला था।
उड़ान भरने के कुछ ही क्षणों बाद, पायलट को हेलीकॉप्टर के इंजन में असामान्य कंपन और तकनीकी खराबी का आभास हुआ। स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांपते हुए, अनुभवी पायलट ने घबराहट की बजाय शांत मन से निर्णय लिया। उन्होंने हेलीपैड के समीप स्थित सड़क के एक खाली हिस्से पर हेलीकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग कराने का फैसला किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर तेजी से नीचे आया और सड़क पर सुरक्षित रूप से उतर गया। इस दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन लैंडिंग सफल होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को खरोंच तक नहीं आई। सभी यात्रियों को सुरक्षित हेलीकॉप्टर से बाहर निकाला गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और क्रिस्टल एविएशन कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को ही हादसे का कारण बताया जा रहा है। कंपनी और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
यह घटना केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाती है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में इस मार्ग पर हेलीकॉप्टर से जुड़ी कई छोटी-बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
प्रशासन और हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों को इन हादसों को गंभीरता से लेना होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाने होंगे ताकि केदारनाथ की पवित्र यात्रा निर्बाध और सुरक्षित बनी रहे।
