

Gram Pradhan elections have not been held in this village of Uttarakhand till date, know the reasonइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)हल्द्वानी: उत्तराखंड में पंचायत चुनाव चल रहा है. पंचायत चुनाव की सरगरियां तेज हैं. प्रत्याशी अपने-अपने पक्ष में वोट मांग रहे हैं, लेकिन, उत्तराखंड के नैनीताल जिले का एक ऐसा गांव भी है जहां आजादी के बाद से अब तक हमेशा प्रधान निर्विरोध चुना जाता है.नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लॉक की ग्राम पंचायत तल्ला वर्धों की करें तो आजादी के सात दशक बाद भी किस गांव में अभी तक ग्राम प्रधान का चुनाव नहीं हुआ. यहां के ग्रामीण सर्व सम्मति से अपने गांव के प्रधान को चुनते हैं. इस गांव में करीब में 65 परिवार रहते हैं. आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी यहां निर्विरोध ग्राम प्रधान चुनने की परंपरा जारी है.ग्राम पंचायत तल्ला वर्धोंबृहस्पतिवार को देवी मंदिर परिसर में हुई बैठक में ग्रामीणों ने सर्व सम्मति से नरेंद्र पाल सिंह मेहरा को निर्विरोध ग्राम प्रधान चुनकर दशकों से चली आ रही परंपरा को कायम रखा. हालांकि, अभी चुनाव की नामांकन प्रक्रिया चल रही है, लेकिन नरेंद्र पाल सिंह मेहरा के सामने किसी ने अभी तक ग्राम प्रधान के लिए नामांकन दाखिल नहीं किया है.पूर्व प्रधान हरीश सिंह मेहरा ने कहा गांव के विकास के लिए यह परंपरा अभी आगे भी जारी रहेगी. आजादी के बाद और पंचायती राज एक्ट बनने के बाद से अभी तक इस गांव में प्रधान का चुनाव नहीं हुआ है. पिछले साल दो उम्मीदवार सामने थे. तब भी ग्रामीणों ने तय किया कि कुछ भी हो चुनाव नहीं करेंगे. ऐसे में टॉस उछालकर ग्राम प्रधान चुन लिया गया. चुनाव का लाखों का खर्च ग्रामीणों ने बचाया. इसी परंपरा को आगे बढ़ाने हुए इस बार निर्विरोध ग्राम प्रधान चुना गया है. पूर्व प्रधान हरीश मेहरा ने बताया इस गांव में क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जरूर होता है, लेकिन गांव की सरकार ग्रामीण सर्वसम्मति से ही चुनते हैं.
