

Everyone is surprised by the woman’s claim in Uttarakhand Panchayat elections, I have lost,…..by mistake she was shown as the winnerइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून | साहब! मैं चुनाव नहीं जीती हूं,मेरा जीत का प्रमाण पत्र वापस ले लीजिए। पंचायत चुनाव मतगणना के बाद चम्पावत में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने आई इस अपील ने हर किसी को हैरान कर दिया। ग्राम प्रधान पद पर जीत का प्रमाण पत्र हासिल करने वाली प्रत्याशी का दावा है कि वह हारी हैं और उन्हें गलती से जीता घोषित किया गया है। मामले में आपत्ति को स्वीकार कर लिया गया है।मामला चम्पावत के सीमांत तरकुली ग्राम प्रधान पद का है। प्रत्याशी काजल बिष्ट का दावा है कि मतगणना में वह अपने प्रतिद्वंद्वी सुमित कुमार से तीन मतों से हार गईं। वह मतगणना स्थल से बाहर निकल गईं। शाम को समर्थक ने फोन किया कि लाउडस्पीकर पर काजल बिष्ट को प्रमाण पत्र लेने के लिए बुलाया जा रहा है। वह लौटीं तो उन्हें विजेता होने का प्रमाण पत्र दिया गया। काजल का दावा है कि उन्हें गलती से विजयी बताया गया है जब कि विजेता सुमित कुमार हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग की लापरवाही बनाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई।चंपावत के रिटर्निंग ऑफिसर ने अपने बयान में कहा कि तरकुली में ग्राम प्रधान के चुनाव में हारे हुए प्रत्याशी को विजेता का प्रमाण पत्र दिए जाने की शिकायत मिली है। काजल बिष्ट की आपत्ति को स्वीकार कर लिया गया है। इस मामले में अब एसडीएम न्यायालय में मामले की सुनवाई होगी। एक माह के भीतर पुनर्गणना कराई जा सकती है।प्रधान पद के दूसरे प्रत्याशी सुमित कुमार ने कहा कि मुझे तीन वोट से जीत हासिल हुई। काजल बिष्ट ने उन्हें खुद बधाई दी थी। चुनाव कर्मियों ने तब कहा कि बाद में प्रमाण पत्र ले जाएं। इसके बाद वह मतगणना स्थल से बाहर आ गए। सुमित ने बताया कि बाद में शाम को जब जीत का प्रमाण पत्र लेने गए तो पता चला कि वह प्रतिद्वंद्वी काजल बिष्ट को दिया जा चुका है।
