

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)धराली: उत्तराखंड के धराली में बादल फटने से आई भीषण आपदा के हफ्तेभर बाद भी मलबे में फंसी जिंदगियों को बचाने की जद्दोजहद जारी है। कई लोग अब भी लापता है, जिन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस बीच वहां हो रही लगातार बारिश रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी बाधा बन रही है।उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली और हर्षिल क्षेत्र में 5 अगस्त को बादल फटने से तबाही मची थी। इसके बाद फौरन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ, जो एक हफ्ते बाद भी चल रहा है। लगातार बारिश की वजह धराली में मलबा दलदल में बदल गया, जिससे रेस्क्यू और मुश्किल हो गया है।बारिश की वजह से रुका रेस्क्यू ऑपरेशनउत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश का सिलसलिा थमने का नाम नहीं ले रहा। धराली में भी कई घंटों से लगातार बारिश हो रही है। मलबे वाली जगह पर पानी बढ़ने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया है। यही नहीं, आने वाले कुछ दिनों के लिए हर्षिल और धराली के लिए भारी अलर्ट जारी किया गया है। मलबे के नीचे दबे लोगों का बारिश में रेस्क्यू बहुत मुश्किल हो गया है।SDRF ने जारी किया अलर्टइतना ही नहीं धराली में गंगोत्री के पास बनी झील से भी पानी आ रहा है, जिसकी वजह से जगह-जगह जलभराव हो गया है। इस वजह से कई रास्ते अवरुद्ध हो गए। इस बीच धराली और हर्षिल में SDRF ने अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है। गंगोत्री के पास भारी बारिश की वजह से भागीरथी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।1200 से ज्यादा लोगों का सफल रेस्क्यूगढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने बताया गया कि अब तक रेस्क्यू अभियान में 1278 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। मलबे में दबे लोगों की खोज का अभियान तेज किया गया है। आपदा में 43 लोग लापता हैं, जिनमें से एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया। इनमें उत्तर प्रदेश और बिहार के कई लोग शामिल हैं।आपदा प्रभावित 98 परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायताधराली में आपदा प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रभावितों को 5-5 लाख रुपये की तत्कालिक सहायता प्रदान की गई है। गंगोत्री विधानसभा के विधायक सुरेश सिंह चौहान ने 98 परिवारों को राहत राशि के चेक वितरित किए। इस सहायता का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को पुनर्वास की दिशा में प्रारंभिक सहारा देना है, जिससे वे आपदा के बाद के कठिन दौर में अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सहायता राहत प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण है। भवनों, आवासों, होमस्टे, पशुधन और बागानों को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए प्रदेश सरकार ने 3 सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो 7 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर राहत एवं पुनर्वास पैकेज तैयार किया जाएगा, जिससे प्रभावितों को दीर्घकालिक सहयोग मिल सके।
