

नैनीताल. उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल इन दिनों वायरल फीवर की चपेट में है. पिछले कुछ दिनों से अचानक बड़ी संख्या में लोग बुखार, खांसी-जुकाम और बदन दर्द जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं. स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि शहर के एकमात्र बीडी पांडे जिला अस्पताल में वार्ड पूरी तरह से भर चुके हैं और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, प्रतिदिन 600 से 800 तक लोग ओपीडी में पहुंच रहे हैं. अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में काफी भीड़ देखी जा सकती है, आलम ये है कि वार्ड लगभग पूरे तरीके से भर चुके हैं. और ज्यादातर मरीज अस्पताल में वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के भर्ती हैं. बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश और मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते वायरल तेजी से फैल रहा है. जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एम.एस. दुग्ताल का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और अचानक बदलते तापमान के कारण लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं. उन्होंने बताया कि मरीजों में अधिकतर सिर दर्द, बदन दर्द, गले में खराश, आंखों से पानी आना और लगातार तेज बुखार जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं.
डॉक्टर ने दी सतर्क रहने की सलाहडॉ. दुग्ताल ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि वायरल फीवर के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए और लापरवाही से बचना चाहिए. इलाज के साथ-साथ सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि लोगों को पीने के लिए हमेशा गुनगुना पानी इस्तेमाल करना चाहिए. मास्क पहनने और हाथ मिलाने से बचने की सलाह दी है, साथ ही भोजन में गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा की लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाए रखें. साथ ही यदि बुखार या अन्य लक्षण हों तो घर पर ही आराम करें और संक्रमण दूसरों तक न फैलने दें.
