

देहरादून; यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच को लेकर युवाओं का आंदोलन अब धीरे -धीरे रंग लाने लगा है। देहरादून के परेड ग्राउंड से उठी इस लड़ाई की चिंगारी जहां अब राज्य के प्रत्येक जनपद, ब्लाक में पहुंच गई है वहीं अब धीरे -धीरे सरकार भी बैकफुट पर आने लगी है। यही कारण है बीते दिनों आंदोलनरत युवाओं को नकल जेहादी तक बताने वाले राज्य सरकार के मुखिया पुष्कर के सुर न केवल बदलने लगे हैं बल्कि इस मामले में बीते रविवार को उनके सख्त लिहाज में नर्मी भी देखने को मिली है।
यही कारण है कि अब तक सीबीआई जांच की मांग को सिरे से नकारने वाले मुख्यमंत्री धामी ने रविवार को प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया के सवालों का जबाब देते हुए यहां तक कह दिया कि हमें किसी भी जांच में कोई दिक्कत नहीं है, अगर युवा सीबीआई जांच ही चाहते हैं तो हम वो भी करा लेंगे पर पहले एसआईटी जांच पूरी हो जाएं।
एसआईटी जांच पूरी होने के बाद युवा अगर चाहेंगे तो जरूर कराएंगे सीबीआई जांचउन्होंने कहा कि अभी जब एआईटी जांच कर रही है तो पहले वो पूरी हो जाए। हमें किसी जांच से परहेज नहीं है। सीबीआई जांच से भी परहेज नहीं है। छात्रों के हित में जो भी जांच करानी पड़े हम कराएंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई भी आरोपी छूटेगा नहीं। एसआईटी जांच में जो भी आरोपी पाया जाएगा। सबको सजा मिलेगी। इस दौरान उन्होंने बांबी पंवार पर भी निशाना साधा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 21 सितंबर को 80 हजार से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया था। यहां एक व्यक्ति ने केवल अपने लिए ये काम किया है। ये नकल का मामला है अगर पेपर बाहर आया तो कुछ खास व्यक्तियों तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच के लिए ही एसआईटी गठित की गई है।
छात्रों को बरगला रहे हैं नकल माफिया, उत्तराखण्ड में नहीं गलेगी उनकी दालआपको बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल में भी नकल माफियाओं पर जमकर निशाना साधा। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से नकल माफिया पेपर लीक का षडयंत्र रचकर भोले भाले नौजवानों को बरगलाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। ये नकल माफिया समझ लें कि उनकी ये दाल उत्तराखंड में नहीं गलने वाली है। उत्तराखण्ड के युवा समझदार है और अपना हित-अहित जानते हैं। बीते शनिवार को छात्रसंघ चुनावों में भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी को मिली जीत इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मेरे जीते जी कोई भी युवाओं के साथ अन्याय नहीं कर सकता है। हालांकि इस बार उन्होंने नकल जिहाद शब्द बोलने से परहेज़ किया।
