
देहरादून। वर्ष 2023 के चर्चित पटवारी और जेई भर्ती घोटाले में जेल जा चुके भाजपा के तत्कालीन मंडल अध्यक्ष संजय धारीवाल एक बार फिर विवादों में हैं।
आरोप है कि जमानत पर बाहर आने के बाद अब वह बेरोजगार अभ्यर्थियों को गवाही न देने के लिए प्रलोभन दे रहे हैं और गवाही देने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहे हैं।
इस मामले को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के पदाधिकारियों ने पीड़ित अभ्यर्थियों के साथ उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि संजय धारीवाल जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद भर्ती घोटाले में गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुकदमे की जांच बहुत धीमी गति से चल रही है और अभी तक गवाहों को गवाही देने के लिए अदालत में पेश नहीं किया गया है।
अध्यक्ष मर्तोलिया ने इस संबंध में अधीनस्थ अधिकारियों को हरिद्वार पुलिस कप्तान सहित संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पार्टी नेता योगेश ईष्टवाल ने चेतावनी दी कि अगर भर्ती घोटाले के पीड़ित अभ्यर्थियों को इस तरह डराया-धमकाया जाता रहा, तो पार्टी इसके खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि किसी भी अभियुक्त को जमानत इस शर्त पर दी जाती है कि वह गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन यहां आरोपी खुलेआम धमकियां दे रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का खुलेआम घूमना निष्पक्ष जांच के लिए गंभीर खतरा है।
उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की कि भर्ती घोटाले के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि सच सामने आ सके।
