
देहरादून, अक्टूबर 2025। नीरज उत्तराखंडी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “Drugs Free Devbhoomi” मिशन को साकार करने की दिशा में देहरादून जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नशे के अवैध कारोबार, दवा मिलावटखोरों और ड्रग्स नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
नशा तस्करों पर कसा शिकंजा – डीएम ने दिए कड़े निर्देश
डीएम सविन बंसल ने कहा कि “राजधानी में नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है।” उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद में संचालित सभी दवा फैक्ट्रियों और मेडिकल स्टोर्स का नियमित निरीक्षण किया जाए।साथ ही, नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए सभी मेडिकल स्टोर्स पर CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पर्याप्त संख्या में ड्रग्स टेस्टिंग किट खरीदने के आदेश दिए गए हैं। डीएम ने कहा कि सभी सरकारी, गैर-सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में Special Task Force (STF) के माध्यम से Drug Testing Campaign चलाया जाएगा। इसके लिए मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग को फंड स्वीकृत किया गया।
हर माह होगी एंटी ड्रग्स समीक्षा बैठक
डीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक माह Anti Drugs Activities की समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से की जाए।जिला स्तर पर एक Public Helpline Number और Dedicated Anti-Drugs Cell बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
साथ ही, स्कूलों में गठित एंटी ड्रग्स समितियों को सीधे STF से लिंक किया जाएगा ताकि नशा संबंधित गतिविधियों की सूचना तत्काल साझा की जा सके।
नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी और नया हेल्थ सेंटर
डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया कि रायवाला स्थित ओल्ड एज होम को जल्द नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में संचालित किया जाए।सभी नशा मुक्ति केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा, और स्थानीय पुलिस व पटवारियों से गतिविधियों की रिपोर्ट ली जाएगी।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास CCTV और हेल्पलाइन का प्रचार
जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूलों के आसपास और संभावित नशा प्रभावित क्षेत्रों में CCTV कैमरे लगाए जाएं।सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स कमेटी को सक्रिय किया जाए और उनकी नामावली प्रशासन को सौंपी जाए।
साथ ही, छात्रों और आम जनता को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 और NCV मानस पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।इन हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एजेंसियों को संयुक्त एक्शन का निर्देश
डीएम सविन बंसल ने ANTF, STF, पुलिस, NCB और औषधि नियंत्रक विभाग को मिलकर काम करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि “नशे के सप्लाई नेटवर्क और लिंक चेन को तोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है।”
पुलिस को यातायात जांच के दौरान भी ड्रग्स टेस्टिंग करने के निर्देश दिए गए।इसके साथ ही, गांव-गांव में आशा वर्कर और सहायिकाओं के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
नागरिकों से अपील – नशे की सूचना तुरंत दें
डीएम ने कहा कि हर नागरिक को मानस हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल की जानकारी होनी चाहिए ताकि वे किसी भी अवैध नशे के कारोबार की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचा सकें।उन्होंने कहा कि देहरादून को “ड्रग्स फ्री सिटी” बनाने के लिए प्रशासन और जनता दोनों को मिलकर काम करना होगा।
