

Badrinath Dham : दीपोत्सव को लेकर भू बैकुंठ नगरी बदरीनाथ धाम में श्री हरि नारायण प्रभु और बद्रीश पंचायत के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में तीर्थ यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। दीपावली पर्व के इस अवसर पर भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम सहित महालक्ष्मी मंदिर और पूरे मंदिर द्वार परिसर के आसपास के सभी मंदिरों को रंग- बिरंगे गेंदा, चम्पा, चमेली के पुष्पों व रोशनी से सजाया जा रहा है। बदरी धाम में इस बार दीपावली उत्सव 20 अक्तूबर को मनाया जाएगा। वहीं आज के दिन यानि दीपावली से ठीक एक दिन पहले, धनतेरस के दिन प्रातःकाल, बद्रीनाथ धाम के मंदिर में यमराज के लिए भी एक विशेष दीपक जलाए जाने की परम्परा का आज भी निर्वाहन किया जाता है। यह दीपक दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे यमराज की दृष्टि आम मनुष्य तक नहीं पड़ती, और वे अकाल मृत्यु के भय से मुक्त होते हैं। दरअसल श्री कुबेर जी केवल मंदिर के देवता ही नहीं अपितु पूरी अलका पूरी क्षेत्र तक के धन भंडार के मालिक भी है, और भगवान श्री बदरी विशाल के खजांची है।
तीन दिन बदरीनाथ धाम में होगा विशेष पूजन
आज धनतेरस पर्व से लेकर महालक्ष्मी पूजन तक तीन दिन बदरीनाथ धाम में विशेष पूजन होता है। इस अवसर पर भगवान बदरी विशाल के साथ बद्रीश पंचायत में विराजमान भगवान कुबेर और माता महालक्ष्मी के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। साथ ही दीपोत्सव का कार्यक्रम भी होगा। श्री बदरी-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि इस बार कार्तिक स्नान सहित दीपावली को लेकर बदरी पुरी में श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह नजर आ रहा है। तीर्थ यात्रियों की आमद लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को 5,200 से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे। इस यात्राकाल में अब तक 15 लाख 10 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन का पुण्य अर्जित किया है।
सिमरन बिंजोला
