
देहरादून। दीपावली की रात जब पूरा उत्तराखंड दीपों की रौशनी में नहा रहा था, उसी समय प्रदेश की बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह दुरुस्त और नियंत्रित रही।
पिटकुल (Power Transmission Corporation of Uttarakhand Limited) के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी खुद मैदान में उतरकर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए।
उन्होंने दीपावली की रात 400 केवी और 220 केवी सबस्टेशन एवं स्विचयार्ड ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एमडी ध्यानी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी तकनीकी बाधा या फॉल्ट की स्थिति में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस बार की दीपावली पर उत्तराखंड में बिजली की अधिकतम मांग 1600 मेगावाट से अधिक दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष के लगभग बराबर रही।
इसके बावजूद पिटकुल और ऊर्जा निगमों के बेहतरीन समन्वय के चलते प्रदेशभर में बिजली आपूर्ति बिना किसी व्यवधान के सुचारु रही।
एमडी ध्यानी ने देर रात तक देहरादून को बिजली आपूर्ति करने वाले प्रमुख सबस्टेशनों—132 केवी माजरा, 132 केवी बिंदाल और 220 केवी हर्रावाला—से लगातार रिपोर्ट लेकर बिजली आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान राज्य में स्थिर, सुरक्षित और निरंतर विद्युत आपूर्ति बनाए रखना प्राथमिकता है। दीपावली जैसे पर्वों पर नागरिकों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना पिटकुल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
