
अल्मोड़ा। चौखुटिया से शुरू हुआ ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य’ आंदोलन अब राज्यव्यापी रूप ले चुका है। क्षेत्र में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं के खिलाफ उठी यह आवाज अब देहरादून तक पहुंच गई है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही वे मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करेंगे।

दो अक्टूबर से शुरू हुए आंदोलन को 23 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की चुप्पी से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बुधवार को भुवन कठायत के नेतृत्व में आरती घाट से देहरादून कूच की पदयात्रा शुरू हुई। बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने “डॉक्टर दो, अस्पताल बचाओ” और “धामी सरकार होश में आओ” जैसे नारों के साथ रैली निकाली।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
चौखुटिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और जांच सुविधाओं की कमी से परेशान लोगों ने आंदोलन शुरू किया था। मरीजों को अक्सर अल्मोड़ा या हल्द्वानी रेफर कर दिया जाता है, जिससे कई की रास्ते में मौत हो चुकी है। इसी नाराजगी ने आंदोलन का रूप ले लिया।
भूख हड़ताल और पुलिस हस्तक्षेप
अब तक 16 लोग भूख हड़ताल पर बैठे, जिनमें से 14 को पुलिस ने जबरन हटा दिया। इसके बावजूद विरोध जारी है और आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
सरकार हरकत में आई
बढ़ते दबाव के बीच स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीएचसी प्रभारी डॉ. अमित रतन सिंह के अनुसार, दो विशेषज्ञ शनिवार तक कार्यभार संभाल लेंगे। ईसीजी मशीन फिर से चालू कर दी गई है और व्यवस्थाओं में सुधार शुरू हो गया है।
राज्यभर में समर्थन
आंदोलन अब चौखुटिया तक सीमित नहीं रहा। कई सामाजिक संगठनों और युवाओं ने समर्थन जताया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि “जब तक हर ग्रामीण क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलतीं, आंदोलन जारी रहेगा।”
राजधानी में आंदोलन के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है।
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