

uttarakhand news : लक्सर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंढौरा में एंटी रेबीज इंजेक्शन न लगाने पर लोगों ने जमकर हंगामा काटा, और अस्पताल में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कुछ अस्पताल में आए मरीज गेट पर ही धरने पर बैठ गए। जिन्हें चिकित्सा प्रभारी ने समझा बुझाकर शांत किया। लंढौरा निवासी साहिब राणा, आशु, रसीद, शहजाद आदि का कहना कि अस्पताल में एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाने में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती जा रही है। रोहित गुप्ता का कहना है कि रेबीज की पहली डोज तो लगा दी गई, और दूसरी डोज लगाने से मना कर दिया गया। जिसके बाद सैकिंड डोज मंगलौर सीएचसी में लगवानी पड़ी। अस्पताल रैबीज इंजेक्शन खत्म होने की बात कह कर टरका दिया जाता है। अक्सर पहली डोज लगाने के बाद दूसरी डोज का समय छुट्टी वाले दिन का दिया जाता है।
फार्मासिस्टों पर समय पर न आने का लगा आरोप
अस्पताल खुलने पर कहां जाता है कि लेट होने पर सैकिंड या थर्ड डोज नहीं लगाई जा सकती। यह भी आरोप है कि अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट सुबह दस बजे के बाद ड्यूटी पर पहुंचती है और दो बजे से पहले ही औषधि भंडार को बंद करके चली जाती है। जिसके चलते मरीजों को दवाई नहीं मिल पाती। मंगलवार को लोगों ने अनियमितताओं को लेकर अस्पताल में हंगामा काटा। इस बाबत फार्मासिस्ट रुचि राणा का कहना है कि वह नियमित रूप से ड्यूटी पर आती है। अस्पताल में अनियमितता का आरोप लगाना निराधार है। अस्पताल प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही का कहना है कि अस्पताल में शेड्यूल के हिसाब से रैबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे । फार्मासिस्ट विभागीय कार्य से गई थी। इसी बात को लेकर कुछ लोग निराधार आरोप लगाकर हंगामा कर रहे थे।
सिमरन बिंजोला
