

हिमालयी उत्तराखंड को एक और वंदे भारत की सौगात मिलने जा रही है। काठगोदाम से दिल्ली के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारियां करीब-करीब पूरी हो चुकी हैं। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल की यह पहली वंदे भारत ट्रेन होगी। उत्तराखंड में अभी दो वंदे भारत ट्रेन दौड़ती हैं। पहली देहरादून से आनंद विहार (दिल्ली) और दूसरी देहरादून से लखनऊ।
कुमाऊं और तराई के यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। काठगोदाम से रामपुर (चमरवुआ) तक 90 किमी लंबा विशेष ट्रैक तैयार कर लिया गया है, जो सेमी-हाईस्पीड ट्रेनों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस अपग्रेड ट्रैक पर पुराने 20-30 मीटर के स्लीपर हटाकर 200-250 मीटर लंबे आधुनिक ट्रैक सेक्शन बिछाए गए हैं। पटरियों को मजबूत फेंसिंग और सुरक्षा मानकों से लैस किया गया है, ताकि ट्रेन 160 किमी/घंटा की गति से सुरक्षित रूप से दौड़ सके।
रेलवे सूत्रों ने बताया कि काठगोदाम-दिल्ली वंदे भारत सप्ताह में छह दिन संचालित करने का प्रस्ताव है। काठगोदाम स्टेशन की सिंगल पिटलाइन फिलहाल एक बड़ी चुनौती है। यहां पहले से छह से अधिक ट्रेनों की मेंटेनेंस की जिम्मेदारी है। ऐसे में वंदे भारत की मेंटेनेंस दिल्ली में कराने की योजना पर विचार हो रहा है।
22 नई ट्रेनों का प्रस्ताव● काठगोदाम-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस
● रामनगर-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस
● लालकुआं-द्वारका ट्रेन
● इज्जतनगर-चंडीगढ़ वंदे भारत
● इज्जतनगर-माता वैष्णो देवी कटरा
इज्जतनगर मंडल के सीनियर डीसीएम संजीव शर्मा ने कहा कि काठगोदाम-दिल्ली वंदे भारत समेत 11 जोड़ी नई ट्रेनों को चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही आगे तस्वीर साफ हो सकेगी।
