
देहरादून।सोशल मीडिया पर देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के नाम से जारी एक कथित नोटिस तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया गया कि 09 नवंबर 2025 को एफआरआई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य है। इतना ही नहीं, उपस्थित होने पर 50 आंतरिक अंक (इंटरनल मार्क्स) दिए जाने और इसे भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) कोर्स से जोड़ने का दावा भी किया गया था।

इस वायरल नोटिस में यूनिवर्सिटी के लोगोग और फॉर्मेट का इस्तेमाल किया गया, लेकिन उस पर न तारीख, न संदर्भ संख्या, न हस्ताक्षर, न मुहर—जिससे इसकी सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
यूनिवर्सिटी ने बताया—नोटिस पूरी तरह फर्जी
नोटिस वायरल होने के बाद देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के कुल सचिव (Registrar) सुभाषित गोस्वामी ने थाने में लिखित शिकायत दी।अपने प्रार्थना पत्र में उन्होंने स्पष्ट कहा:
✅ यह पत्र संस्थान द्वारा जारी नहीं किया गया।✅ यह कूटरचित (फर्जी और भ्रामक) है।✅ कोई भी अधिकृत अधिकारी, विभाग या यूनिवर्सिटी चैनल ने इसे मंजूरी नहीं दी।
यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि छात्रों और अभिभावकों में भ्रम फैलाने के लिए नोटिस को जानबूझकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
शिकायत के आधार पर थाना प्रेमनगर पुलिस ने मु०अ०सं० 176/25,धारा 336(2) BNSऔर आईटी एक्ट की धारा 66(C) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि:
फर्जी नोटिस तैयार करने वाले
उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले
और छात्रों को भ्रमित करने वालों
सभी की पहचान की जा रही है, और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अपील
छात्रों और आमजन से अपील की है कि:
किसी भी अप्रमाणिक, भ्रामक या विवादित सूचना को बिना जांच-पड़ताल सोशल मीडिया पर आगे न बढ़ाएं।
केवल यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत चैनल पर जारी सूचना को ही मानें।
