
देहरादून — उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में ठंडी हवाओं ने दस्तक दे दी है और आने वाले दिनों में ठिठुरन और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विज्ञान विभाग ने राज्यभर में शुष्क मौसम के संकेत दिए हैं, फिर भी पर्वतीय हिस्सों में पाले और मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा देखने को मिल रहा है।
सुबह-साँझ का तापमान स्पष्ट रूप से घट गया है और लोग अब स्वेटर-जैकेट जैसी गर्म कपड़ों का सहारा लेने लगे हैं। दिन के समय हल्की धूप से अस्थायी राहत मिल रही है, पर रात में शीतलहर की वजह से ठंड अधिक महसूस हो रही है। मौसम में इस तरह का बदलता मिज़ाज खासकर पर्वतीय और निचले क्षेत्रों दोनों में असुविधाएँ बढ़ा रहा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि हल्की वर्षा होती है तो ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी संभव है, जिससे ठंड और तीव्र हो सकती है। विशेष रूप से अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, मसूरी और रुद्रप्रयाग जिलों में शीतलहर का प्रभाव बढ़ने के आसार हैं। मैदानी इलाकों में सुबह-शाम घने कोहरे ने तापमान में और गिरावट ला दी है।
तापमान में आई गिरावट और मौसम के बदलते स्वरूप के चलते़ वायरल बीमारियों के मामलों में भी इज़ाफा दर्ज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड और धुंध से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है, विशेषकर बुजुर्गों व छोटे बच्चों का ध्यान रखना चाहिए।
वहीं, पर्यटन स्थलों पर मौसम ने अलग ही रंग दिखाया है — मसूरी और नैनीताल जैसे हिल-स्टेशनों में सुहावने मौसम का लाभ उठाने स्थानीय और मेहमानों की अच्छी-खासी भीड़ बनी रहती है। दिन के समय सैलानी धूप का आनंद ले रहे हैं जबकि सुबह-शाम परिसर में भिड़भाड़ देखने को मिल रही है।
अंततः मौसम विभाग की वर्तमान भविष्यवाणी के मुताबिक राज्य के सभी जनपद फिलहाल शुष्क बने रहेंगे, पर उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के संकेतों पर निगाह बनाए रखने की आवश्यकता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान दें और आवश्यक सावधानियाँ
