

देश में शुक्रवार को एक नया सिस्मिक जोनेशन मैप जारी किया गया है, जिसकी कुछ तस्वीरें आपको भी डरा सकती हैं। इस नए मैप में देश भर में भूकंप से होने वाले खतरों की जानकारी दी गई है। मैप में पूरे हिमालयी आर्क को पहली बार बने नए जोन-6 में शामिल किया गया है, जिसे सबसे अधिक खतरे वाला जोन माना गया है। वहीं अब हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर के पहाड़ी क्षेत्र सबसे ज्यादा खतरे में हैं।
नई मैपिंग के बाद देश के 61% हिस्से को अब मध्यम से लेकर हाई खतरे वाले जोन में दिखाया गया है। मैप में इस संशोधन को कई दशकों में भारत के सिस्मिक रिस्क में सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने यह मैप जारी करते हुए कहा कि यह प्रोबैबिलिस्टिक सिस्मिक हैजर्ड असेसमेंट (PSHA) पर आधारित है। इसमें एक्टिव फॉल्ट्स, अधिकतम संभावित मैग्निट्यूड, सिस्मिक वेव पैटर्न, टेक्टोनिक सेटिंग और जमीन की संरचना को शामिल किया गया है। जबकि पुराने मैप सिर्फ ऐतिहासिक भूकंपों और पुराने डेटा पर आधारित थे।
किस जोन में कौन से क्षेत्र?नए मैप में हिमाचल में शिमला से लेकर उत्तराखंड के देहरादून जैसे शहरों को नए जोन 6 में रखा गया है जहां भूकंप का खतरा सबसे ज्यादा है। इस जोन में जम्मू कश्मीर, पूरा नॉर्थ ईस्ट और गुजरात के कुछ हिस्से भी हैं, जहां खतरा बरकरार है। नेपाल-बिहार सीमा से सटे कुछ क्षेत्रों को जोन 5 में रखा गया है। वहीं दिल्ली को जोन 4 में रखा गया है।
