
कुमाऊं ब्यूरो रिपोर्ट विशाल सक्सेना
सितारगंज ( शक्तिफार्म ) नगर पंचायत शक्तिगढ़ ( शक्तिफार्म) में नए बोर्ड के गठन के बाद किए गए कार्यों और भुगतानों पर उठे सवालों के चलते खटीमा तहसीलदार शुक्रवार को दस्तावेजों की जांच करने पहुंचे कार्यालय, उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित मंडल से दस्तावेज की मांग की, लेकिन अध्यक्ष ने अधिकारियों की अनुपस्थिति का हवाला देकर दस्तावेज देने से इनकार कर दिया, इस पर घंटों बहसबाजी हुई, अतः तहसीलदार ने मूल दस्तावेज हासिल कर लिए और जांच के लिए ले गए, वार्ड नंबर दो निवासी अभिषेक सिंह ने उप जिलाधिकारी सितारगंज को एक शिकायती पत्र सौंपकर नगर पंचायत द्वारा मनमाने भुगतान और विभिन्न खरीद पर बाजार मूल्य से अधिक खर्च करने जैसे अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी, शिकायतकर्ता ने नगर पंचायत के कई कार्यों में गड़बड़ियों का संदेह जताया है, और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए, शिकायत के बाद प्रशासन ने एक कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है।

शुक्रवार को तहसीलदार खटीमा, वीरेंद्र सिंह सजवाण ने नगर पंचायत शक्तिगढ़ ( शक्तिफार्म ) पहुंचकर जांच आरंभ की, तहसीलदार ने जांच के लिए अभिलेख ले जाने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित मंडल ने अधिशासी अधिकारी की छुट्टी का हवाला देकर अभिलेख सौंपने से इनकार कर दिया, इस पर तहसीलदार और अध्यक्ष के बीच कई घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही, इस दौरान तहसीलदार ने सभी फाइलों की फोटो कापी करवाने की प्रक्रिया शुरू की, अंततः शाम को नगर पंचायत में अभिलेखों की फोटो कापी रखवाकर मूल अभिलेख अपने साथ जांच के लिए ले गए।
नपं अध्यक्ष राजनीतिक षड्यंत्र में फंसाने की चाल :
नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित मंडल ने बताया कि उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र व दबाव में लेने के लिए फंसाने की साजिश की जा रही है, कहां नगर पंचायत के सभी टेंडर सरकारी पोर्टल जैम के माध्यम से की गई है, कहा बोर्ड गठन के बाद हुए कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई, नगर पंचायत अध्यक्ष ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उनसे पूर्व फर्जी दस्तावेजों के जरिए कई ठेकेदार घोटाला कर चुके हैं, उसकी भी जांच कराई जाएगी, कहा जितनी तेजी से प्रशासन ने इन शिकायतों की जांच शुरू की, इसी गति से आम जनता की शिकायतों का भी निस्तारण भी करें।
तहसीलदार खटीमा वीरेंद्र सिंह सजवाण :
शिकायत की जाच के लिए एसडीएम सितारगंज द्वारा एक जांच कमेटी गठित की गई है, जिसमें तहसीलदार खटीमा, प्रभारी तहसीलदार सितारगंज वीरेंद्र सिंह सजवाण, अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग खटीमा और कोषाधिकारी सितारगंज शामिल है।
