
अल्मोड़ा ज़िले के दशज्यूला कांडई गांव के दीपक सिंह बिष्ट ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। 6 दिसंबर को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में संपन्न हुई पासिंग आउट परेड के दौरान दीपक को औपचारिक रूप से लेफ्टिनेंट की रैंक प्रदान की गई। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने सेना की चुनौतीपूर्ण पीसीएसएल (SSB) परीक्षा को पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण किया।
दीपक की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर जागतोली में हुई, इसके बाद उन्होंने दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज काण्डई, दशज्यूला से पूरी की। रेलवे में कार्यरत उनके पिता त्रिलोक सिंह बिष्ट और माँ छोटी देवी ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। बचपन से राष्ट्रसेवा का संकल्प लिए दीपक ने भारतीय सेना में राइफलमैन से लेकर हवलदार तक 22 वर्षों तक विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दीं। अधिकारी बनने की दृढ़ इच्छा और सतत मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।दीपक सिंह ने अपने इस सफर में सहयोग देने वाले माता-पिता, शिक्षकों और अपनी यूनिट 6 गढ़वाल राइफल्स के सभी अफसरों व जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपने पूर्व कमांडिंग ऑफिसर कर्नल नितिन शुभाष कालदाते, वर्तमान कमांडिंग ऑफिसर कर्नल दलजीत सिंह, मेजर पूरन सिंह थापा, सूबेदार मेजर रंजीव और अपनी घातक प्लाटून के साथियों को विशेष धन्यवाद दिया।लेफ्टिनेंट बनने की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव जग्गी कांडई में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। ग्रामीण इसे पूरे गांव की प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं।
केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल ने दीपक को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका लेफ्टिनेंट बनना जिले के हर युवा के लिए प्रेरणा है। जिला पंचायत सदस्य सारी क्षेत्र जयवर्धन काण्डपाल ने कहा कि दीपक ने साबित किया है कि निरंतर प्रयास और मजबूत हौसले से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मी देवी ने इसे पूरे इलाके के लिए प्रेरणादायक क्षण बताया। वहीं ग्राम प्रधान अंजली देवी ने कहा कि एक छोटे से गांव का युवा सेना में अधिकारी बनता है तो यह हर परिवार के लिए गर्व का विषय है।
