

देहरादून: उत्तराखंड में महिलाएं अब रात की शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार महिला कर्मचारी स्वेच्छा से रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक की अवधि में काम कर सकेंगी। विगत 27 नवंबर की कैबिनेट में महिला कर्मचारियों के रात की शिफ्ट में काम करने संबंधी फैसला लिया गया था। इसके साथ ही यह भी तय किया गया था कि संबंधित प्रतिष्ठानों में महिलाकर्मियों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम करने होंगे। इसके साथ ही रात की शिफ्ट में काम करने महिलाओं को उनके घर से लाने और ले जाने की व्यवस्था भी करनी होगी।
कैबिनेट के फैसले के तहत श्रम विभाग में इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्यांकी की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि प्रत्येक महिला कर्मचारी से रात में काम करने के संबंध में सहमति लेनी जरूरी होगी। अगर कोई महिला असहमति जताती है तो रात्रि पाली (रात की शिफ्ट) में काम करने के लिए महिला को बाध्य नहीं किया जाएगा।
महिलाओं के लिए पिकअप और ड्रॉपअधिसूचना में तय किया गया है कि नियोजन की ओर से महिला कर्मचारियों से काम कराये जाने की सूचना संबंधित श्रम अधिकारी और थाना प्रभारी को भी उपलब्ध करानी होगी। रात की पाली में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए उनके निवास स्थान तक पिकअप और ड्रॉप की सुविधा उपलब्ध करानी होगी। इसके साथ ही उस वाहन में पैनिक बटन और जीपीएस भी होना जरूरी होगा। वाहन और कार्य स्थल पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, पुलिस थाना और चौकी के नंबर भी चस्पा करना अनिवार्य होगा।
सचिव डॉ. श्रीधर ने बताया कि वहां की व्यवस्था करने के साथ ही नियोजक की ओर से चालक और परिचालक का पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य रूप से कराना होगा। नियोजक की ओर से महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ कार्य परिस्थितियां भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे कि महिला कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
इन सुविधाओं का रखना होगा ध्याननियोजक की ओर से महिला कर्मचारियों के लिए संस्थान में शौचालय, चेंजिंग रूम आदि की सुविधा भी अधिनियम की धाराओं के अनुसार उपलब्ध करानी जरूरी होगी। महिलाओं का कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के सभी प्रावधान को लागू करना होगा। दुकान और प्रतिष्ठान के प्रत्येक प्रवेश एवं निकास द्वारा पर सीसीटीवी लगाने होंगे।
