
कुमाऊँ ब्यूरो रिपोर्ट विशाल सक्सेना
इस जनपद की पुलिस को लापरवाही पड़ी महंगी, अधिकारियों को मामला निपटाने में फूले हाथ पांव पॉक्सो एक्ट मामले में थाना ट्रांजिट कैंप पुलिस ने आरोपी के बजाय लापरवाही से उसी नाम के एक अधिवक्ता को हिरासत ले लिया, साथ ही कई घंटो तक उससे पूछताछ भी की गई, जब थाना पुलिस को अपनी लापरवाही का एहसास हुआ तो उन्होंने माफी के साथ अधिवक्ता को छोड़ दिया, आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस कर्मियों ने उसके साथ अभद्रता भी की, जिससे नाराज होकर आज अधिवक्ताओं ने एसएसपी कार्यालय से लेकर सड़क तक जमकर हंगामा किया, अधिवक्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग भी की है।
रुद्रपुर उधम सिंह नगर स्थित मामला ट्रांजिट कैंप थाना से शुरू हुआ, 11 दिसंबर को एक व्यक्ति ने ट्रांजिट कैंप थाने में तहरीर देते हुए बताया गया कि मयंक शर्मा नाम के एक युवक ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया है, तहरीर मिलने के बाद पुलिस एक्टिव हो गई, पुलिस ने गलती से अधिवक्ता मयंक शर्मा को कोर्ट के बाहर से हिरासत में लिया, इसके बाद पुलिस मयंक को थाने ले आई, कई घंटे की पूछताछ के बाद देर रात्रि अधिवक्ता को छोड़ दिया गया, आरोप है कि इस दौरान अधिवक्ता से पुलिसकर्मियों ने खूब अभद्रता की, साथ ही उसके परिवार को रात्रि में थाने में बुलाया गया,
घटना की जानकारी अधिवक्ता समाज को लगी तो वह आग बबूला हो गए, सुबह कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई वैसे ही सभी अधिवक्ता हड़ताल पर बैठ गये, पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे, इस दौरान अधिवक्ताओं ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद अधिकारियों ने जैसे तैसे मामले को शांत कराया, अधिवक्ताओं के साथ बैठक की गई, लेकिन मांग पूरी न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर दी, काफी समझाने के बाद अधिवक्ताओं ने जाम को खोल दिया, अधिवक्ताओं की मांग है कि पुलिस पूरे मामले में माफी मांगे, दोषी पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया जाये, वहीं पुलिस ने इस पूरे मामले में चुप्पी साधी हुई है।
