
उत्तराखंड के सरकारी शिक्षा संस्थानों में अनुशासनहीनता के मुद्दे लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। अब पौड़ी गढ़वाल जिले से एक चौंकाने वाला वाकया सामने आया है, जहां एक प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंच गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासियों ने कड़ा रुख अपनाया और मामले को अधिकारियों तक पहुंचाया, जिसके बाद संबंधित अध्यापक को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। सोशल मीडिया पर फैल रहे एक वीडियो ने इस प्रकरण को और अधिक ध्यान आकर्षित किया है।
घटना बीरोंखाल ब्लॉक के सरकारी प्राथमिक स्कूल नानस्यूं की है। यहां नियुक्त अध्यापक रूपचंद्र ने बीते सोमवार को विद्यालय पहुंचकर सभी को हैरान कर दिया। उस समय कक्षा में उपस्थित सात छात्रों ने देखा कि उनका अध्यापक पूरी तरह से नशे में चूर है और ठीक से खड़े होने की स्थिति में भी नहीं है। अध्यापक ने बिना देर किए छात्रों को घर लौटने का निर्देश दे दिया और समय से पहले ही छुट्टी घोषित कर दी।
जैसे ही यह बात गांव के प्रधान हिमांशु रावत और अन्य निवासियों तक पहुंची, वे तत्काल स्कूल पहुंचे। उन्होंने नशे में लडखड़ाते अध्यापक को डांट-फटकार लगाई और पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो उप-शिक्षा अधिकारी बीरोंखाल वर्षा को भेजा गया। अधिकारी ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) पौड़ी को आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सौंपी।
जांच में पता चला कि रूपचंद्र ने इससे पहले अगस्त महीने में भी इसी तरह की लापरवाही दिखाई थी। तब उन्हें सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था, लेकिन उनके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया। इससे विभाग की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) पौड़ी नागेंद्र बर्त्वाल ने नियमों के उल्लंघन को देखते हुए अध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उन्हें उप-शिक्षा अधिकारी कार्यालय बीरोंखाल से जोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि स्कूल में दो अध्यापक कार्यरत हैं, लेकिन उस दिन दूसरा अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के कारण अनुपस्थित था।
यह घटना राज्य की शिक्षा प्रणाली में व्याप्त समस्याओं को उजागर करती है, जहां अध्यापकों की जिम्मेदारी और छात्रों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों ने आगे की जांच का आश्वासन दिया है।
