
गोपेश्वर (चमोली), 16 दिसंबर 2025: उत्तराखंड के चमोली जिले की पुलिस ने एक पुराने निवेश धोखाधड़ी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सोमवार को मुख्य आरोपी रविंद्र मोहन को रुद्रप्रयाग जिले के फाटा क्षेत्र से हिरासत में लिया। यह आरोपी वर्ष 2001 से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ 5000 रुपये का इनाम भी घोषित था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला वर्ष 1993 का है जब रविंद्र मोहन और उसके भाई राकेश मोहन ने ‘हिमगिरी प्लांटेशन’ नामक कंपनी शुरू की थी। दोनों भाइयों ने लोगों को कम अवधि में निवेशित राशि दोगुनी करने तथा उच्च ब्याज दर का प्रलोभन देकर बड़ी रकम जुटाई। वर्ष 2001 में लाखों रुपये लेकर वे गायब हो गए।
इस संबंध में रुद्रप्रयाग निवासी शिव प्रसाद ने गोपेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर दो अलग-अलग मामले (क्रमांक 268/2001 और 269/2001) भारतीय दंड संहिता की धारा 406 तथा 420 के तहत पंजीबद्ध किए गए। अदालत ने दोनों आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर उनके विरुद्ध स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किए थे।
चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के मार्गदर्शन में उप निरीक्षक सतेंद्र बुटोला की अगुवाई वाली विशेष टीम ने तकनीकी जांच, दस्तावेजी साक्ष्यों, राष्ट्रीय रिकॉर्ड तथा नेटग्रिड प्लेटफॉर्म की मदद से आरोपी की खोज तेज की। जांच में दिल्ली से जुड़े एक पते की जानकारी मिली, जिसकी तस्दीक के लिए टीमों को दिल्ली और नोएडा भी भेजा गया।
लगातार प्रयासों के फलस्वरूप पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने मूल क्षेत्र की ओर आ रहा है। इसी आधार पर फाटा में घेराबंदी कर रविंद्र मोहन को पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया तथा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले के दूसरे मुख्य आरोपी राकेश मोहन की तलाश के लिए अभियान जारी है और शीघ्र ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस सफलता से पुराने लंबित मामलों के समाधान में पुलिस की सक्रियता का प्रमाण मिलता है।
