
देहरादून। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘वीबी जी-राम-जी योजना’ किए जाने और इसके लिए लोकसभा में विधेयक पास होने पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस फैसले को महात्मा गांधी का अपमान बताया है।
हरीश रावत ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के विचारों और उनके ग्राम स्वराज के सपने से जुड़ी हुई है। उन्होंने इसे “मनरेगा को श्रद्धांजलि” बताते हुए ऐलान किया कि वे भाजपा के इस कदम के खिलाफ महात्मा गांधी की तस्वीर लेकर जन-अभियान चलाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम के नाम का सहारा लेकर उनके सबसे बड़े भक्त महात्मा गांधी के नाम पर चल रही योजना को खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे गांधी जी का सपना टूटेगा और ‘ग्राम सरकार’ की अवधारणा कमजोर होगी।
हरीश रावत का कहना है कि मनरेगा के नाम और स्वरूप में बदलाव से ग्रामीणों का रोजगार की गारंटी का अधिकार भी खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि अब गांवों के विकास का नियंत्रण स्थानीय स्तर से हटकर सीधे दिल्ली के हाथों में चला जाएगा, जिससे ग्रामीण स्वायत्तता प्रभावित होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है और कहा है कि वे इस मुद्दे को लेकर लगातार जनता के बीच आवाज उठाते रहेंगे।
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