
देहरादून: उत्तराखंड राज्य में इन दिनों पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर समतल भागों तक तीव्र ठंड का प्रभाव जारी है, जिससे सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ऊंचाई वाले जिलों में प्रातःकाल धुंध छाई रहती है, जबकि दोपहर में सूरज की किरणें निकल आती हैं। वहीं, समतल जिलों में धुंध की मोटी परत फैली हुई है। दोपहर के समय हल्की धूप निकलने पर लोग इसका लाभ उठाते नजर आते हैं, जबकि सुबह और शाम के समय लोग ठंड से बचाव के लिए आग का सहारा लेते दिख रहे हैं। इसके अलावा, पर्वतीय भागों में सुबह-रात कांपने वाली सर्दी पड़ रही है, जबकि समतल इलाकों में धुंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
वर्षा और हिमपात की संभावना: राज्य के मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के उच्च स्थलों पर कुछ जगहों पर वर्षा हो सकती है। साथ ही, 3500 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात की आशंका व्यक्त की गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम केंद्र ने हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, देहरादून और पौड़ी जिलों के समतल भागों में कुछ स्थानों पर ठंडे दिन की स्थिति की संभावना जताई है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम केंद्र की चेतावनी: हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, देहरादून और पौड़ी जिलों के समतल इलाकों में कुछ जगहों पर घनी धुंध छाए रहने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए मौसम केंद्र ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। देहरादून में आज आकाश मुख्य रूप से स्वच्छ रहेगा, हालांकि आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, और धुंध से लोगों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 08 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
समतल इलाकों में दृश्यता शून्य: उल्लेखनीय है कि सर्दी का प्रभाव केवल पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि समतल जिलों में भी इसका असर पड़ रहा है। हाल के दिनों में गंगोत्री धाम में तापमान में गिरावट से नदियां, नाले और झरने जमने की खबरें आई थीं। वहीं, राज्य के समतल भागों में घनी धुंध के कारण दृश्यता पूरी तरह शून्य हो गई है, जिससे राजमार्गों पर वाहन धीमी गति से चलते नजर आ रहे हैं। चालक वाहनों की रोशनी चालू रखकर सफर कर रहे हैं।
