
देहरादून के एक परीक्षा स्थल पर आईबीपीएस सीआरपी आरआरबी अधिकारी पद की भर्ती परीक्षा के समय रविवार को एक गंभीर जालसाजी का पर्दाफाश हुआ। अधिकारियों ने एक व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की है, जिसने 12 विभिन्न उम्मीदवारों की पहचान का दुरुपयोग कर उनके बदले परीक्षाएं दीं। इनमें से कुछ व्यक्ति अब सरकारी पदों पर कार्यरत हैं। पटेलनगर थाना पुलिस जांच में जुटी हुई है।
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, पौड़ी गढ़वाल जिले के थाना पठाणी अंतर्गत गांव चोरा निवासी सूरजपाल सिंह रावत ने शिकायत दर्ज कराई कि 28 दिसंबर को देहरादून स्थित आई क्रिएट सॉल्यूशन परीक्षा केंद्र में आईबीपीएस सीआरपी आरआरबी अधिकारी परीक्षा आयोजित हो रही थी। इस दौरान आईबीपीएस की विभाग प्रमुख डॉ. सोमबाला निंगथौजम ने केंद्र प्रशासन को सूचित किया कि परीक्षा में भाग ले रहा ऋषि कुमार पहले भी कई परीक्षाओं में हेराफेरी कर चुका है। जांच-पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। संदिग्ध ऋषि कुमार ने उम्मीदवारों के प्रवेश पत्रों पर अपनी तस्वीर चिपकाकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 12 अलग-अलग व्यक्तियों के बदले परीक्षाएं दीं।
इन उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं: राकेश कुमार मीणा, सीताराम मीणा, बलराम मीणा, नरोत्तम मीणा, रणजीत सिंह मीणा, राजकुमार मीणा, रविंद्र मीणा, रवि कुमार मीणा, रामकेश मीणा, मोहित और हरीश मीणा, तथा बिजनौर से अनिकेत कुमार।
कई व्यक्ति सरकारी पदों पर तैनात
पकड़े जाने पर संदिग्ध ने कबूल किया कि उसने पैसे कमाने की मंशा से इन लोगों के नाम पर नकली दस्तावेज बनवाए और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हुआ। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसके द्वारा परीक्षा देने वाले कुछ व्यक्ति अब विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी कर रहे हैं। संदिग्ध ने माना कि उसने पहले भी विभिन्न व्यक्तियों की जगह परीक्षाएं देकर गैरकानूनी कमाई की और दूसरों को भी अनुचित लाभ पहुंचाया।
सूरजपाल सिंह रावत की रिपोर्ट पर पुलिस अब उन 12 उम्मीदवारों की भी जांच कर रही है, जिनके बदले ऋषि कुमार ने परीक्षा दी। संदिग्ध ऋषि कुमार के खिलाफ उचित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस आगे की कार्यवाही कर रही है।
