

देहरादूनः उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर में हुए त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या को लेकर पुलिस ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस किया. इस दौरान पुलिस ने जो जानकारी दी है, वो हैरान कर देने वाली है. पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि एंजेल चकमा की हत्या जानबूझकर नहीं की गई है, यानी कि यह गैर-इरादतन हत्या है. पुलिस ने घटना की जांच की जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी की गई है. पकड़े गए सभी आरोपियों की क्राइम हिस्ट्री खंगाली है, लेकिन किसी का भी कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं मिला है.
यज्ञ राज अवस्थी पर 1 लाख का इनाममामले की जांच के लिए जिला स्तर पर एसआईटी का गठन किया गया है, जो मामले में आगे की जांच करेगी. पुलिस ने फरार यज्ञ राज अवस्थी पर 1 लाख का इनाम रख दिया है. पुलिस ने यह भी जानकारी दी है सिर में चोट लगने से ब्रेन डेड हो गया था. एंजेल चकमा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हेड इंजरी और नेक इंजरी की पुष्टि हुई थी. बता दें कि एक तरफ जहां मृतक छात्र के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि उनके बेटे की हत्या नस्लीय टिप्पणी के चलते हुई है तो वहीं पुलिस इस आरोप को दरकिनार कर रही है. पुलिस ने दावा किया है कि अभी तक देहरादून में नस्लीय कमेंट का मामला नहीं आया है.क्या हुआ था 9 दिसंबर की शाम को?एंजेल चकमा अपने छोटे भाई माइकल चकमा तथा दो और साथियों के साथ 9 दिसंबर की शाम को कुछ सामान लेने के लिए किराना स्टोर जा रहे थे. जहां अचानक कुछ युवाओं ने नस्लीय टिप्पणी करना शुरू कर दिया, जब माइकल ने इसका विरोध किया तो युवाओं ने उसे मारना शुरू कर दिया. इस पर बचाने के लिए एंजेल आ गया.
