
पिथौरागढ़: सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ के महिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला की डिलीवरी के समय अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय निवासियों और परिवारजनों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष फैल गया है। नवजात शिशु की सेहत भी खराब बताई जा रही है, जिसे उन्नत चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित किया गया है।
29 वर्षीय कमला बिष्ट, जो पंकज बिष्ट की पत्नी हैं और पिथौरागढ़ शहर से सटे किरीगांव (ऐचोली) की निवासी हैं, को सोमवार की देर रात प्रसव दर्द शुरू होने पर अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने सामान्य तरीके से प्रसव कराया, जिसमें एक पुत्र का जन्म हुआ। हालांकि, जन्म के तुरंत बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल सर्जरी की गई और गर्भाशय को हटाना पड़ा। सभी प्रयासों के बावजूद कुछ घंटों में महिला की सांसें थम गईं।
यह कमला का दूसरा बच्चा था। तीन वर्ष पहले उनकी एक बेटी का जन्म सिजेरियन विधि से हुआ था। इस बार सामान्य प्रसव का निर्णय लिया गया, लेकिन नवजात की सांस लेने में समस्या आई, जिसे बड़ी मुश्किल से संभाला गया। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिवार के सदस्य नवजात को लेकर अल्मोड़ा रवाना हो चुके हैं।
कमला के पति सेना में सेवारत हैं। इस दुखद घटना से परिवार की खुशियां एक झटके में शोक में बदल गईं। वर्ष 2025 के अंत में यह हादसा परिवार के लिए स्थायी दर्द बन गया है। तीन साल की बेटी अब मां की छाया से वंचित हो गई है, जो घर पर मां के लौटने की प्रतीक्षा कर रही थी।
जिला महिला अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भागीरथी गर्ब्याल ने कहा कि महिला का पिछला प्रसव सर्जरी से हुआ था, लेकिन इस बार परिवार के आग्रह पर सामान्य प्रसव कराया गया। इससे रक्तस्राव बढ़ गया और स्थिति बेकाबू हो गई। जीवन बचाने के सभी संभव उपाय अपनाए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोग और परिजन अस्पताल की सुविधाओं को लेकर चिंतित हैं।
