
मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलएलबीएसएनएए) में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक जाली यूपीएससी परिणामों के सहारे प्रशिक्षण के लिए पहुंच गया। संदेह होने पर अकादमी के अधिकारियों ने तुरंत पुलिस, स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) और खुफिया ब्यूरो (आईबी) को सूचित किया। आरोपी युवक से मसूरी थाने में पूछताछ जारी है। वह मूल रूप से बिहार के सारण जिले का निवासी है और फिलहाल हरियाणा के गुरुग्राम में रह रहा है।
प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों की पड़ताल से पता चला कि युवक खुद एक धोखाधड़ी गिरोह का受害ी है। वह नकली यूपीएससी परिणामों के बहकावे में आकर अपने माता-पिता के साथ आवश्यक सामान लेकर अकादमी पहुंचा था।
पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि वह वर्तमान में एमबीए की पढ़ाई कर रहा है और एक निजी फर्म में नौकरी करता है। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने जानकारी दी कि पुष्पेश सिंह, निवासी अरियाव, थाना दाउतपुर, जिला सारण (बिहार) से यूपीएससी परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर 13 हजार रुपये नकद और 14,564 रुपये यूपीआई के जरिए ऑनलाइन हस्तांतरित कराए गए थे।
धोखेबाजों ने 2023 में व्हाट्सएप के माध्यम से उसे जाली यूपीएससी परिणाम भेजकर ठगी की। पुष्पेश अभी गुरुग्राम (हरियाणा) के सेक्टर-21, मुल्ला हेरा, पॉकेट-सी(ई) में निवास करता है। चूंकि यह मामला गुरुग्राम से जुड़ा है, इसलिए मसूरी थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच के लिए इसे गुरुग्राम पुलिस को स्थानांतरित किया जा रहा है।
ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं
यह पहली घटना नहीं है जब एलएलबीएसएनएए में इस प्रकार की जालसाजी उजागर हुई हो। 2015 में भी रूबी चौधरी नामक महिला ने जाली दस्तावेजों से प्रशिक्षण प्राप्त करने का प्रयास किया था, जिसमें अकादमी के एक उप निदेशक का नाम भी शामिल था।
इस नवीनतम प्रकरण के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रणाली पर फिर से सवाल उठ रहे हैं। एलआईयू, आईबी और पुलिस इस जाली यूपीएससी परिणाम तैयार करने वाले नेटवर्क की गहराई की जांच कर रही हैं, ताकि इसके प्रसार और संलिप्त व्यक्तियों का पता लगाया जा सके।
