
रामनगर स्थित अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चेक बाउंस के एक प्रकरण में दोषी घोषित किए गए एक व्यक्ति ने शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद कोर्ट परिसर से भाग निकलने में सफलता हासिल कर ली। इस घटना से अदालत परिसर में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
कलियर थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव निवासी नीरज गोस्वामी पर चेक अनादरण का मामला कुछ समय पूर्व दर्ज किया गया था। निर्धारित सुनवाई के दिन वह अदालत में उपस्थित हुए, जहां न्यायालय ने उन्हें दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
सजा निर्धारित होने के बाद कोर्ट अधिकारी उन्हें कक्ष से बाहर ले जा रहे थे। इसी बीच नीरज गोस्वामी ने मौके का फायदा उठाकर हाथ आजाद करा लिया और परिसर से बाहर की ओर दौड़ लगाई। कोर्ट स्टाफ ने तुरंत हल्ला मचाया और उनका पीछा किया, लेकिन वह सफलतापूर्वक फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही गंगनहर कोतवाली प्रभारी मनोहर भंडारी ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया। शाम तक पुलिस ने आरोपी के परिचितों तथा रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की, मगर कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
जिला पुलिस अधीक्षक (देहात) शेखर सुयाल ने बताया कि सजा सुनाए जाने के उपरांत दोषी अदालत परिसर से भाग निकला है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि फरारी के इस प्रकरण में गंगनहर कोतवाली में अलग से आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और जल्द उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
