
नैनीताल जिले में उत्तराखंड कोटे के तहत नियुक्त 28 शिक्षकों पर कार्रवाई शुरू
नैनीताल, 20 जनवरी 2026: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां 28 प्राथमिक शिक्षकों को उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी होने के बावजूद उत्तराखंड के स्थानीय कोटे से नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) एच.बी. चंद ने इन शिक्षकों को नोटिस जारी किया है।
ये शिक्षक मुख्य रूप से जिले के दूरस्थ धारी और ओखलकांडा विकासखंडों में तैनात हैं। जांच के दौरान पाया गया कि इन शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश का स्थायी निवास प्रमाण पत्र प्राप्त कर रखा है, जबकि उत्तराखंड में नियुक्ति के लिए उन्होंने उत्तराखंड का निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। नियमों के अनुसार, राज्य कोटे की नौकरियों में केवल उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को ही प्राथमिकता दी जाती है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि वे संतोषजनक उत्तर नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बर्खास्तगी भी शामिल हो सकती है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
इसके अलावा, रामनगर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाले 12 होटलों को नोटिस जारी किया है। जांच में पाया गया कि इनमें से एक होटल को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने क्षेत्र के अन्य होटलों का भी निरीक्षण किया, जिसमें अवैध संचालन और अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही के मामले सामने आए हैं।
यह कार्रवाई दोनों मामलों में प्रशासन की ओर से नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाने का संकेत है। संबंधित विभाग आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई जारी रखेंगे।
