
देहरादून: उत्तराखंड होमगार्ड विभाग में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान वर्दी खरीद को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में पाया गया कि जवानों के लिए करीब 1 करोड़ रुपये कीमत वाली वर्दी को तीन करोड़ रुपये में खरीदा गया, जिससे विभाग को लगभग 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस अनियमितता का खुलासा विभागीय ऑडिट और जांच के दौरान हुआ है।
होमगार्ड महानिदेशक (डीजी) पी.पी. प्रसाद ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के साथ ही 2 करोड़ रुपये की रिकवरी की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। रिपोर्ट में दोषी पाए गए अधिकारियों को बर्खास्त करने और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में वर्दी खरीद की टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई। ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर सामान को तिगुने दाम पर खरीदा गया। डीजी होमगार्ड पी.पी. प्रसाद ने बताया कि इस घपले को रोकने के लिए विभाग ने तत्काल कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, “विभागीय जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।”
वर्तमान में मामला शासन के स्तर पर विचाराधीन है। शासन द्वारा जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें संभावित आपराधिक जांच भी शामिल हो सकती है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वर्दी खरीद की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी ताकि जवानों को समय पर और उचित दर पर वर्दी उपलब्ध हो सके।
यह मामला उत्तराखंड होमगार्ड विभाग की छवि पर सवाल उठा रहा है, जहां जवानों की वर्दी जैसी बुनियादी सुविधा में भी भारी अनियमितता सामने आई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
