
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ अपनी सख्त मुहिम को जारी रखते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर की जा रही ऐसी गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
हाल ही में एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने देहरादून के आसपास स्थित हरभजवाला पुल क्षेत्र में करीब 8 बीघा भूमि पर बिना किसी मंजूरी के विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस भूमि पर हितबद्ध व्यक्तियों द्वारा प्लॉट काटे जा रहे थे, जो विकास नियमों के स्पष्ट उल्लंघन में था। जेसीबी मशीन की मदद से की गई इस कार्रवाई से अवैध संरचनाओं को हटा दिया गया।
इसी तरह, तुन्तोवाला रोड पर मेहुवाला माफी इलाके में अरुण चौहान द्वारा लगभग 4 से 5 बीघा भूमि पर बिना लेआउट स्वीकृति या आवश्यक अनुमतियों के प्लॉटिंग की जा रही थी। एमडीडीए ने यहां भी त्वरित हस्तक्षेप करते हुए अवैध प्लॉटिंग को नष्ट कर दिया।
ये कार्रवाइयां संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों के तहत हुईं, जिसमें सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता अभिजीत सिंह थलवाल और सुपरवाइजर सहित पूरी प्रवर्तन टीम शामिल रही। स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित इंतजाम किए गए थे।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण शहरी विकास को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध प्लॉटिंग न केवल शहर की सुंदरता और नियोजन को बिगाड़ती है, बल्कि आम लोगों की जमा-पूंजी को भी खतरे में डालती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि कोई भी भूमि या प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच एमडीडीए से जरूर कराएं।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने भी जोर दिया कि अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां बिना किसी नरमी के जारी रहेंगी। सभी भू-स्वामियों को सलाह दी जाती है कि कोई भी निर्माण या प्लॉटिंग कार्य प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना न करें।
एमडीडीए का स्पष्ट संदेश है कि कानून का पालन सभी के लिए अनिवार्य है और उल्लंघनकर्ताओं के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
