
देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र में एक विवादास्पद घटना ने सुर्खियां बटोरी हैं, जिसमें एक नगर पार्षद के पांच वर्षीय पुत्र पर पालतू कुत्ते छोड़ने और उनके परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है।
घटना 19 जनवरी की शाम को डांडा खुदानेवाला, सहस्त्रधारा रोड स्थित माता वाला पार्क के निकट हुई। पार्षद संजीत कुमार बंसल की पत्नी अपने छोटे बेटे को पार्क में घुमाने ले गई थीं। इसी दौरान चार महिलाएं और दो पुरुष दो कुत्तों के साथ मौजूद थे। कुत्तों के बच्चे की ओर भौंकने पर पार्षद की पत्नी ने सार्वजनिक स्थान पर कुत्ते घुमाने का विरोध किया।
विरोध के बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मामला किसी तरह शांत हुआ। पार्षद की पत्नी ने आरोप लगाया कि विरोधियों ने जानबूझकर बच्चे पर कुत्ते छोड़ दिए, हालांकि बच्चे को कोई शारीरिक चोट नहीं पहुंची।
इसके बाद पार्षद संजीत कुमार बंसल भी घटनास्थल पर पहुंचे और सार्वजनिक स्थान पर कुत्ते घुमाने तथा मारपीट के संबंध में सवाल किया। आरोप है कि तब भी आरोपियों ने पार्षद के साथ गाली-गलौज की और मारपीट करने की कोशिश की।
पार्षद ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। थाना प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि जांच में कुत्ते से काटने का कोई मामला सामने नहीं आया है। मुख्य रूप से चार अज्ञात महिलाओं और दो पुरुषों पर पार्षद दंपति के साथ गाली-गलौज तथा मारपीट करने का आरोप है। इस आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
नगर निगम देहरादून में पालतू कुत्तों के संबंध में नियमों का सख्ती से पालन करवाने की दिशा में सक्रिय है और नियमित चालान कार्रवाई भी की जा रही है। इसके बावजूद शहर में ऐसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। कुछ समय पहले पटेल नगर में एक अधिवक्ता द्वारा कुत्ते घुमाने का विरोध करने पर मारपीट और कुत्ता छोड़ने की घटना हुई थी। इसी तरह राजपुर रोड पर भी एक टेंपो चालक पर पालतू कुत्ता छोड़ने का मामला दर्ज हुआ था।
पुलिस मामले की गहन जांच जारी रखे हुए है।
