

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाके में हुई बर्फबारी ने पूरे प्रदेश के लोगों के चेहरे पर रौनक ला दी है। वीकेंड होने के चलते जहां पर्यटन कारोबारियों में खुशी की लहर है तो वहीं स्थानीय लोग भी बर्फबारी का लुत्फ उठा रहे हैं। लंबे इंतजार के बाद हुई बर्फबारी ने जहां लोगों के लिए दुश्वारियां खड़ी की तो वहीं कई लोगों ने इसका आनंद भी उठाया। उत्तराखंड के वेडिंग डेस्टिनेशन त्रिजुगीनारायण में सात जोड़े शादी के बंधन में बंधे तो वहीं चमोली के गैरसैंण में दूल्हा बर्फबारी के कारण अपनी दुल्हन को 21 किलोमीटर पैदल लेकर अपने घर पहुंच।
उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद बर्फबारी हुई है। यह बर्फबारी हर किसी के लिए यादगार बन गई है। सीजन की पहली बारिश के साथ हुई झमाझम बर्फबारी ने लोगों को भी आश्चर्य में डाल दिया है, क्योंकि मौसम बिगड़ने या बारिश के दो-तीन दिन बरसने के बाद ही अक्सर बर्फबारी हुआ करती है, लेकिन इस बार बारिश और बर्फबारी दोनों ही एक साथ मेहरबान हो गए।
बर्फबारी के बीच शादी संपन्न हुईउत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल पर शादी करने वालों का भी इन दिनों तांता लगा हुआ है, लेकिन शायद ही इन जोड़ों को यह अंदाजा रहा होगा कि उनकी शादी की गवाह प्रकृति भी बन जाएगी। शुक्रवार को त्रिजुगीनारायण मंदिर में सात जोड़ों ने फेरे लिए। बर्फबारी के बीच सात जोड़ों के विवाह संस्कार संपन्न हुए।
त्रिजुगीनारायण में जोड़े विवाह बंधन में बंधेदूल्हा-दुल्हन के साथ ही उनके परिजन बर्फ से ठिठुरते नजर आए, लेकिन शादी के अवसर पर हुई इस पर बर्फबारी ने उन्हें रोमांचित कर दिया। त्रिजुगीनारायण में दो जोड़े पश्चिम बंगाल के थे, जिन्होंने बर्फबारी का लुत्फ भी उठाया और भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल पर सात फेरे लेने का सौभाग्य भी प्राप्त किया।
शिव-पार्वती स्थल पर किया विवाहइनके अलावा महाराष्ट्र के दो जोड़ों का विवाह हुआ और तीन विवाह उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए वर-वधुओं के हुए। इन सभी जोड़ों ने शिव-पार्वती के विवाह स्थल पर शादी के बंधन में बंधने को सौभाग्य बताया। शादी के दौरान कई बार वधू और उनके परिजन ठंड से ठिठुरते रहे, लेकिन इसकी परवाह किए बिना विवाह की रस्में भी पूरी की और बर्फबारी के बावजूद मंदिर परिसर में चहल-पहल बनी रही।
21 किमी पैदल चलीवहीं, दूसरी ओर चमोली जनपद के गैरसैंण में हुई बर्फबारी ने दूल्हा-दुल्हन और बारातियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। दुल्हन को लेने आए दूल्हा और बाराती वापसी में 21 किलोमीटर पैदल चलकर अपने गांव पहुंचे। बसंत पंचमी पर प्रकृति ने पहाड़ों को बर्फ की सफेद चादर से ढक दिया।
बर्फबारी के बीच निकली बारातगैरसैंण में हुई सीजन की पहली बर्फबारी का जहां स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने जमकर लुत्फ उठाया तो वहीं सालियान गांव के दूल्हे के लिए बर्फबारी उत्साह रोमांच के साथ मुसीबत भी बन गई। सालियन गांव के सरपंच जीत सिंह बिष्ट के बेटे सूरज बिष्ट की बारात बसंत पंचमी के मौके पर परवाड़ी गांव के लिए निकली।
बर्फबारी के बीच जयमालाशादी का उत्साह बारातियों में देखते ही बन रहा था। नाचते गाते यह लोग जब दुल्हन के गांव पहुंचे तो बर्फबारी शुरू हो गई। बर्फबारी के बीच ही दूल्हा दुल्हन की जयमाला भी हुआ। उस समय तो लोगों को बर्फबारी सामान्य लगी, लेकिन कुछ देर में ही बर्फबारी इतनी तेज हो गई कि पूरी बारात और बारात में गई सभी गाड़ियां पारवाड़ी गांव में ही फंस गईं।
पैदल चल पड़े गांवइंतजार करने के बाद भी जब बर्फबारी नहीं रुकी और गाड़ियां निकालने में कठिनाई हुई तो दूल्हा और दुल्हन पूरी बारात के साथ पैदल ही चल पड़े। पारवाड़ी गांव से भराड़ीसैन और दिवालीखाल होते हुए देर रात तक बारात वापस अपने गांव सलियाणा पहुंची।
